ओडिशा

चक्रवात अर्णब का कहर, 70 गांव प्रभावित, 2000 लोग फंसे

Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 7:58 PM IST
चक्रवात अर्णब का कहर, 70 गांव प्रभावित, 2000 लोग फंसे
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भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से गंजाम और गजपति जिलों में अत्यधिक वर्षा के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में पानी भरने से बड़ी संख्या में गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार को चक्रवात के बाद उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए बताया कि गंजाम जिले के करीब 70 गांवों में 2,328 लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। कई स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि बचाव दलों को नावों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की सहायता से लोगों को निकालने का अभियान भी शुरू किया है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बाढ़ की स्थिति, बचाव कार्यों की प्रगति, राहत शिविरों की व्यवस्था और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर लोग पानी में फंसे हुए हैं, वहां बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गंजाम जिले के 22 ब्लॉकों की 208 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 299 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं, गजपति जिले के सात ब्लॉकों की 110 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 711 गांवों में भारी बारिश का असर पड़ा है। दोनों जिलों में हजारों परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंजाम में लगभग 42,500 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति में प्रभावित लोगों की संख्या करीब 20 हजार बताई गई है।
प्रशासन के अनुसार, गंजाम जिले में अब तक 11,882 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, गजपति जिले में 17,441 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर राहत शिविरों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस तरह दोनों जिलों में कुल 29 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। प्रशासन ने राहत केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशमन विभाग की टीमों को तैनात किया गया है। गंजाम जिले में ओडीआरएएफ की 27, एनडीआरएफ की तीन और अग्निशमन विभाग की 24 टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हैं। वहीं, गजपति जिले में ओडीआरएएफ की 12, एनडीआरएफ की एक और अग्निशमन विभाग की 12 टीमें तैनात की गई हैं।
प्रभावित इलाकों में तेज बहाव और जलभराव के कारण कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जहां नावों से बचाव अभियान संभव नहीं है, वहां हवाई सहायता का विकल्प अपनाया जाए। राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय तटरक्षक बल से संपर्क किया है।
भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर ने गुरुवार दोपहर बचाव अभियान के लिए पहली उड़ान भरी। अधिकारियों के अनुसार, गंजाम जिले में चार स्थानों पर फंसे लगभग 120 लोगों को प्राथमिकता के आधार पर हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकालने की योजना बनाई गई। मौसम की खराब स्थिति और निचले स्तर पर छाए बादलों के कारण हवाई अभियान में भी चुनौतियां सामने आई हैं। इसके बावजूद बचाव एजेंसियां प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
चक्रवात के कारण हुई अत्यधिक बारिश से गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी उफान पर है। नदी के आसपास स्थित कई गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। सोराडा, आसिका, दिगपहांडी और चिकिटी सहित कई क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, ऋषिकुल्या नदी का जलस्तर कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंजाम जिले के पात्रपुर क्षेत्र में 546 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि में 462.4 मिलीमीटर और रायिकिया में 384.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसी तरह सानखेमुंडी में 388 मिलीमीटर और सोराडा में 375 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अत्यधिक बारिश के कारण खेतों, सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में पानी भर गया है।
चक्रवात अर्णब के प्रभाव से सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। गजपति जिले के मोहना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-326 का लगभग 300 मीटर हिस्सा बह जाने से यातायात बाधित हुआ है। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी परेशानियां हो रही हैं।
भारी बारिश के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे पुल के आसपास जलस्तर बढ़ गया है। श्रीकाकुलम जिले में रेलवे ट्रैक और पुल से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ रेल सेवाओं को रोकना पड़ा है। प्रशासन रेलवे अधिकारियों के संपर्क में है और फंसे यात्रियों की सहायता के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 31 अक्टूबर तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, गंजाम जिले में 550 और गजपति जिले में 420 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ओडिशा सरकार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत कर राज्य में चक्रवात के प्रभाव और राहत कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल गंजाम और गजपति जिलों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं बहाल करना है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने अधिकारियों को स्थिति की लगातार निगरानी करने तथा बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
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