हरियाणा
सतीश कुमार सैनी ने ली अध्यक्ष पद की शपथ, CM सैनी रहे मौजूद
Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 7:49 PM IST

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चंडीगढ़। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को नया अध्यक्ष मिल गया है। पूर्व हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारी सतीश कुमार सैनी ने गुरुवार को आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण और पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सतीश कुमार सैनी की नियुक्ति को राज्य की प्रशासनिक और सरकारी भर्ती व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब उनके सामने आयोग की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।
सतीश कुमार सैनी को बुधवार, 28 अक्टूबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके अगले दिन गुरुवार को उन्होंने औपचारिक रूप से पद की शपथ ली। समारोह में राज्यपाल ने उन्हें निष्ठा, पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोग के सदस्य और नवनियुक्त अध्यक्ष के परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, वरिष्ठ अधिकारी अमनीत पी. कुमार, हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव पंकज, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. ए.एस. चावला और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह भी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई अधिकारी और गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
नवनियुक्त अध्यक्ष सतीश कुमार सैनी का प्रशासनिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह वर्ष 2011 में हरियाणा सिविल सेवा में चयनित हुए थे। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वह शिक्षा क्षेत्र से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने इतिहास विषय के शिक्षक के रूप में कार्य किया था। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश किया और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
सतीश कुमार सैनी पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विशेष कार्य अधिकारी यानी ओएसडी भी रह चुके हैं। वह जनवरी 2020 से फरवरी 2022 तक इस पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर काम करने का अनुभव मिला।
इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में अन्य जिम्मेदारियां संभालीं। नियुक्ति से पहले वह हरियाणा लोक सेवा आयोग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। आयोग के भीतर काम करने का अनुभव होने के कारण उन्हें उसकी कार्यप्रणाली, भर्ती प्रक्रियाओं और प्रशासनिक जरूरतों की जानकारी है। उनकी नियुक्ति से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को स्वीकार किया गया था, जिसके बाद उन्हें आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
हरियाणा लोक सेवा आयोग राज्य की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में शामिल है। इसका मुख्य कार्य राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में निर्धारित श्रेणी के पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। आयोग भर्ती विज्ञापन जारी करने, आवेदन प्रक्रिया संचालित करने, प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार का आयोजन करने तथा चयन संबंधी सिफारिशें तैयार करने जैसी जिम्मेदारियां निभाता है।
आयोग की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया का निर्धारित समय पर पूरा होना और चयन में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी या नियमों को लेकर असमंजस होने से उम्मीदवारों की तैयारी और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
नए अध्यक्ष सतीश कुमार सैनी के सामने आयोग की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाए रखने के साथ भर्ती परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से आयोजित कराने की चुनौती होगी। विशेष रूप से राजपत्रित पदों की भर्ती, परीक्षा परिणामों की घोषणा और उम्मीदवारों की शिकायतों के निस्तारण जैसे विषयों पर अभ्यर्थियों की नजर बनी रहेगी।
इस नियुक्ति का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हरियाणा में सरकारी भर्तियों को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। कुछ भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में नए अध्यक्ष से उम्मीद की जा रही है कि आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता मजबूत करने और उम्मीदवारों की समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सतीश कुमार सैनी आयोग के 17वें अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले यह जिम्मेदारी आलोक वर्मा के पास थी। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद 22 अक्टूबर से अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था। अब नए अध्यक्ष की नियुक्ति और शपथ ग्रहण के साथ आयोग को नियमित नेतृत्व मिल गया है।
आयोग में नेतृत्व परिवर्तन का सीधा संबंध प्रशासनिक निर्णयों और भर्ती संबंधी कार्यों के सुचारु संचालन से होता है। अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोग अपने विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करता है। ऐसे में नई नियुक्ति के बाद लंबित भर्ती प्रक्रियाओं और भविष्य में जारी होने वाले विज्ञापनों पर भी अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।
राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग एक महत्वपूर्ण संस्था है। प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर नियुक्ति पाने के इच्छुक उम्मीदवार आयोग की परीक्षाओं में शामिल होते हैं। इसलिए भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
इसके अतिरिक्त परीक्षा आयोजन में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग, आवेदन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना और परिणामों की घोषणा में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण पहलू हैं। हालांकि, इन विषयों पर नए अध्यक्ष की ओर से किसी विशेष नई नीति या निर्णय की घोषणा की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फिलहाल सतीश कुमार सैनी ने हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। उनके प्रशासनिक अनुभव और आयोग में पूर्व कार्यकाल को देखते हुए इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब आने वाले समय में आयोग की कार्यप्रणाली, भर्ती परीक्षाओं के संचालन और अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों में उनके नेतृत्व की भूमिका पर विशेष नजर रहेगी।
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