भिवंडी हादसे पर उपराष्ट्रपति ने जताया दुख

Update: 2026-07-31 10:56 GMT

नई दिल्ली/ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में हुई इमारत गिरने की दर्दनाक घटना पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

उपराष्ट्रपति ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश जारी कर इस घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र के ठाणे के भिवंडी में इमारत गिरने से हुई मौतों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

हादसे में कई लोगों की गई जान

ठाणे जिले के भिवंडी में इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हुआ। इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल हुए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। राहत कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद प्रभावित लोगों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

उपराष्ट्रपति ने जताई संवेदना

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक होती हैं और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।

उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की प्रार्थना की। उपराष्ट्रपति के इस संदेश के बाद पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने वालों की संख्या बढ़ गई।

प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों को लगाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

राहत अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

इमारतों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

भिवंडी में हुई इस घटना के बाद एक बार फिर पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। देश के कई शहरों में पुरानी और जर्जर इमारतों के कारण समय-समय पर दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने भवनों की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी समय-समय पर कमजोर इमारतों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही जाती है।

जांच की प्रक्रिया जारी

हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इमारत गिरने के पीछे मुख्य वजह क्या थी। इसमें निर्माण की गुणवत्ता, इमारत की उम्र और रखरखाव जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घटना के जिम्मेदार कारणों की पहचान की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित परिवारों को सहायता की उम्मीद

हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह समय बेहद कठिन है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।

भिवंडी की इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। फिलहाल प्रशासन राहत कार्य और जांच प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

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