खंडवा। ट्रेन में स्कूल ट्रिप पर जा रहे कई छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। घटना 12618 मंगला एक्सप्रेस की है, जिसमें यात्रा कर रहे करीब 30 से 40 छात्र दोपहर का खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। छात्रों ने उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी शिकायतें कीं। शुरुआती तौर पर रेलवे अधिकारियों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। खंडवा रेलवे स्टेशन पर रेलवे की मेडिकल टीम ने तुरंत पहुंचकर बीमार छात्रों की जांच की और उन्हें जरूरी दवाएं उपलब्ध कराईं। इसके साथ ही छात्रों को ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) भी दिया गया, ताकि शरीर में पानी की कमी को रोका जा सके।

S2 और S3 कोच में यात्रा कर रहे थे छात्र

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्कूल ट्रिप पर निकला छात्रों का समूह मंगला एक्सप्रेस के एस2 और एस3 कोच में सफर कर रहा था। इस समूह में करीब 80 छात्र और 10 शिक्षक शामिल थे।

यात्रा के दौरान दोपहर का खाना खाने के बाद अचानक कई छात्रों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ छात्रों को उल्टी हुई, जबकि कई ने पेट में दर्द और दस्त की शिकायत की।

स्थिति बिगड़ती देख शिक्षकों ने रेलवे अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद खंडवा स्टेशन पर मेडिकल टीम को तैयार रखा गया।

खंडवा स्टेशन पर मिला तत्काल इलाज

जैसे ही ट्रेन खंडवा स्टेशन पहुंची, रेलवे की मेडिकल टीम ने तुरंत छात्रों की जांच शुरू कर दी। डॉक्टरों ने प्रभावित छात्रों की स्थिति का जायजा लिया और जरूरत के अनुसार दवाएं दीं।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रभावित छात्रों को प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें ओआरएस दिया गया ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।

मेडिकल टीम की त्वरित कार्रवाई से छात्रों और उनके साथ मौजूद शिक्षकों को राहत मिली।

भुसावल में भी हुई मेडिकल जांच

खंडवा में प्राथमिक उपचार के बाद छात्रों ने अपनी यात्रा जारी रखी। इसके बाद ट्रेन के भुसावल पहुंचने पर सभी छात्रों की दोबारा मेडिकल जांच की गई।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, भुसावल में जांच के दौरान सभी छात्रों की हालत स्थिर पाई गई। किसी भी छात्र की स्थिति गंभीर नहीं थी।

रेलवे मेडिकल टीम लगातार छात्रों की निगरानी करती रही ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

शिक्षकों ने यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, छात्रों के साथ मौजूद शिक्षकों ने बताया कि सभी छात्र अब ठीक महसूस कर रहे हैं और वे अपनी यात्रा जारी रखना चाहते हैं।

रेलवे प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे की यात्रा के लिए अनुमति दी और छात्रों की निगरानी जारी रखी।

शिक्षकों और रेलवे कर्मचारियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके।

फूड पॉइजनिंग की आशंका

छात्रों में अचानक उल्टी, दस्त और पेट संबंधी समस्या सामने आने के बाद प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। रेलवे और संबंधित अधिकारी मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा के दौरान खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि खराब भोजन से इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

रेलवे की सतर्कता से टला बड़ा खतरा

इस घटना के बाद रेलवे की मेडिकल व्यवस्था की तत्परता सामने आई। सूचना मिलते ही खंडवा स्टेशन पर मेडिकल टीम की मौजूदगी और तत्काल उपचार से छात्रों को समय पर मदद मिल सकी।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में रेलवे की मेडिकल टीमें यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहती हैं।

छात्रों और परिजनों को मिली राहत

छात्रों की तबीयत बिगड़ने की खबर से उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि बाद में सभी छात्रों की हालत स्थिर होने की जानकारी मिलने के बाद राहत मिली।

फिलहाल सभी छात्र सुरक्षित हैं और उनकी यात्रा सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है। रेलवे प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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