मुंबई। मुंबई के कांजुरमार्ग इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की 13वीं मंजिल से करीब 200 किलो वजनी लोहे का बीम नीचे गिरने का मामला सामने आया है। घटना 18 सितंबर की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि भारी-भरकम बीम की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। मामले में निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों में कथित लापरवाही को लेकर कांजुरमार्ग पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन इमारत कांजुरमार्ग पुलिस स्टेशन के एक्सटर्नमेंट डिपार्टमेंट के पास स्थित है। 18 सितंबर को बिल्डिंग में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान 13वीं मंजिल से करीब 200 किलो वजन का लोहे का बीम अचानक नीचे गिर गया। इतनी ऊंचाई से भारी बीम गिरने के कारण बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन संयोग से उस वक्त नीचे कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया।

घटना के बाद निर्माण स्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए KAMS रियल्टर्स से जुड़े साइट कॉन्ट्रैक्टर मितेश जैन, साइट इंजीनियर धनराज रामचंद्र जगताप तथा सेफ्टी सुपरवाइजर विक्रम और सोहेल मिर्जा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक, असिस्टेंट पुलिस सब-इंस्पेक्टर विश्वास दशरथ देसाई कांजुरमार्ग पुलिस स्टेशन के एक्सटर्नमेंट डिपार्टमेंट में तैनात हैं। 56 वर्षीय देसाई 18 सितंबर को दिन की ड्यूटी पर मौजूद थे। एक्सटर्नमेंट डिपार्टमेंट का कार्यालय KAMS रियल्टर्स की निर्माण साइट के बिल्कुल पास स्थित बताया गया है।

इसी दौरान निर्माणाधीन बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल से भारी लोहे का बीम नीचे गिर गया। करीब 200 किलो वजन का बीम 13वीं मंजिल से गिरने के कारण वहां मौजूद लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया। घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन जिस तरह भारी बीम ऊंचाई से नीचे गिरा, उससे आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई।

मामले में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बीम किस तरह नीचे गिरा और निर्माण कार्य के दौरान उसे सुरक्षित रखने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। यह भी जांच का विषय है कि ऊंचाई पर भारी निर्माण सामग्री को संभालने और नीचे मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

निर्माण स्थलों पर ऊंचाई से किसी भारी वस्तु के गिरने का खतरा गंभीर माना जाता है। ऐसी जगहों पर सुरक्षा घेरा, मजबूत बैरिकेडिंग, निर्माण सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने जैसे उपाय महत्वपूर्ण होते हैं। पुलिस के आरोपों के मुताबिक, इस मामले में जरूरी सुरक्षा इंतजामों में कथित कमी थी। हालांकि, मामले में संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

घटना का स्थान पुलिस विभाग के एक्सटर्नमेंट कार्यालय के पास होने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया। दिन के समय कार्यालय में पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की आवाजाही हो सकती है। ऐसे में 200 किलो का बीम किसी व्यक्ति के ऊपर गिरता तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।

पुलिस ने साइट कॉन्ट्रैक्टर, इंजीनियर और सेफ्टी सुपरवाइजर को मामले में आरोपी बनाया है। अब जांच में उनकी जिम्मेदारियों और निर्माण स्थल पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है। पुलिस यह भी देख सकती है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

इसके अलावा घटना के समय साइट पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। निर्माण स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने की स्थिति में उनकी रिकॉर्डिंग से भी घटना के बारे में जानकारी मिल सकती है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि बीम गिरने से ठीक पहले निर्माण स्थल पर क्या गतिविधि चल रही थी।

मुंबई में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कार्य चलता रहता है। ऐसे निर्माण स्थलों के आसपास आम लोगों, कर्मचारियों और पड़ोसी इमारतों में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। ऊंचाई से भारी निर्माण सामग्री गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।

कांजुरमार्ग की इस घटना में किसी के घायल नहीं होने से बड़ी जनहानि टल गई। इसके बावजूद पुलिस ने कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि करीब 200 किलो वजनी बीम 13वीं मंजिल से आखिर कैसे गिरा और इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर कथित चूक हुई। जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़ी जिम्मेदारी और अन्य परिस्थितियों की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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