मुंबई/स्टॉकहोम। महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित विखे पाटिल परिवार से संबंध रखने वाली नीला विखे पाटिल स्वीडन की राष्ट्रीय संसद ‘रिक्सडैग’ के लिए चुनी गई हैं। 41 वर्षीय नीला ने ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा। स्वीडन की संसद की आधिकारिक वेबसाइट भी नीला विखे पाटिल को ग्रीन पार्टी और सिटी ऑफ स्टॉकहोम निर्वाचन क्षेत्र की सदस्य के रूप में दर्ज करती है।

स्वीडन में 13 सितंबर को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ था। अंतिम नतीजों को स्वीडिश चुनाव प्राधिकरण ने 19 सितंबर को औपचारिक रूप से स्थापित किया। आधिकारिक परिणाम के मुताबिक 349 सदस्यीय रिक्सडैग में ग्रीन पार्टी को 22 सीटें मिली हैं। चुनाव में कुल 68.34 लाख से अधिक लोगों ने मतदान किया और मतदान प्रतिशत 84.9 रहा।

महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार से गहरा नाता

नीला विखे पाटिल महाराष्ट्र के जाने-माने विखे पाटिल परिवार से आती हैं। वह शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती हैं। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल उनके चाचा हैं। नीला का जन्म स्वीडन में हुआ, लेकिन उनके शुरुआती जीवन का एक हिस्सा महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीता।

स्वीडन की संसद तक पहुंचने के बाद नीला ने अपनी भारतीय और महाराष्ट्र की जड़ों को याद किया। उन्होंने अपने दादा बालासाहेब विखे पाटिल से मिली राजनीतिक सीख का भी जिक्र किया।

दादा ने कम उम्र से ही सिखाई राजनीति

नीला के मुताबिक उनके दादा बालासाहेब विखे पाटिल ने कम उम्र से ही उनमें राजनीति, अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक नीतियों को समझने की रुचि पैदा की थी। उन्होंने याद किया कि किशोरावस्था में उनके दादा उनसे बजट पढ़वाते थे और उस पर चर्चा करते थे। अलग-अलग रिपोर्टों में इस स्मृति को महाराष्ट्र या केंद्रीय बजट के संदर्भ में दर्ज किया गया है, इसलिए इसे उनके राजनीतिक प्रशिक्षण से जुड़ी पारिवारिक याद के रूप में देखना अधिक सटीक है।

बालासाहेब विखे पाटिल महाराष्ट्र की राजनीति और सहकारिता क्षेत्र से लंबे समय तक जुड़े रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। नीला ने अपने राजनीतिक सफर में परिवार से मिली सीख और सार्वजनिक जीवन के अनुभव को महत्वपूर्ण बताया है।

पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में कर चुकी हैं काम

नीला विखे पाटिल के लिए संसदीय राजनीति नई नहीं है। वह इससे पहले स्वीडन के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल में प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं। इस दौरान उनका काम वित्त, कर और आवास जैसे क्षेत्रों से जुड़ा था।

इसके अलावा वह स्टॉकहोम सिटी काउंसिल के लिए भी चुनी जा चुकी हैं और ग्रीन पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। लंबे समय से स्वीडिश राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब उन्होंने राष्ट्रीय संसद में जगह बनाई है।

पर्यावरण और बच्चों के मुद्दों पर रहेगा जोर

सांसद चुने जाने के बाद नीला विखे पाटिल ने बच्चों के कल्याण और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर काम करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो खुद मतदान नहीं कर सकते। उनके राजनीतिक एजेंडे में पर्यावरण और सामाजिक मुद्दे प्रमुख रहे हैं।

ग्रीन पार्टी की राजनीति में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और टिकाऊ विकास जैसे विषय प्रमुख हैं। नीला भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं।

349 सदस्यों वाली है स्वीडिश संसद

स्वीडन की राष्ट्रीय संसद को रिक्सडैग कहा जाता है और इसमें कुल 349 सदस्य होते हैं। 2026 के चुनाव के अंतिम आधिकारिक नतीजों में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को 99, मॉडरेट पार्टी को 70, स्वीडन डेमोक्रेट्स को 62, लेफ्ट पार्टी को 30, सेंटर पार्टी को 25, ग्रीन पार्टी और क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स को 22-22 तथा लिबरल पार्टी को 19 सीटें मिलीं।

नीला इसी 349 सदस्यीय संसद में स्टॉकहोम शहर का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी आधिकारिक संसदीय प्रोफाइल में जन्म वर्ष 1985 दर्ज है।

भारत से जुड़ाव का किया जिक्र

नीला ने चुनाव के बाद भारत के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि स्वीडन में जन्म और राजनीतिक करियर होने के बावजूद भारत से उनका भावनात्मक जुड़ाव बना हुआ है। महाराष्ट्र में बिताए शुरुआती वर्षों और विखे पाटिल परिवार की राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि का प्रभाव उनके जीवन पर रहा है।

उनके पिता अशोक विखे पाटिल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। वहीं विखे पाटिल परिवार महाराष्ट्र में राजनीति, शिक्षा और सहकारिता से लंबे समय से जुड़ा रहा है।

स्टॉकहोम से संसद तक का सफर

नीला विखे पाटिल की जीत उनके लंबे राजनीतिक सफर का अगला चरण है। प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार के तौर पर काम करने से लेकर स्थानीय निकाय की राजनीति और अब राष्ट्रीय संसद तक उन्होंने स्वीडन की राजनीतिक व्यवस्था में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।

स्वीडिश चुनाव प्राधिकरण की ओर से चुनाव परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाने के बाद अब नीला विखे पाटिल का रिक्सडैग में प्रवेश भी आधिकारिक हो गया है। महाराष्ट्र से पारिवारिक जड़ें रखने वाली नीला अब स्वीडन की राष्ट्रीय राजनीति में स्टॉकहोम सिटी का प्रतिनिधित्व करेंगी।

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