मुंबई।शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन के हालिया दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सतीश सालियन के अपने वकील के साथ शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ पहुंचने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीतिक विवाद को फिर से हवा देने की कोशिश बताया।मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि सतीश सालियन का यह दौरा केवल एक दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों के जरिए राजनीतिक समर्थन के सहारे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
दरअसल, सतीश सालियन अपने वकील के साथ आदित्य ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ पहुंचे थे। बताया गया कि यह दौरा मानहानि मामले से जुड़े एक कानूनी नोटिस के सिलसिले में था। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई, जिसके बाद संजय राउत ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।राउत ने सवाल उठाया कि घटना के कई साल बाद इस तरह का कदम क्यों उठाया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई कानूनी मामला है तो उसे कानून के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि कुछ लोग पुराने विवादों को फिर से सामने लाकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य राजनीतिक विवादों को जीवित रखना है।गौरतलब है कि दिशा सालियन की मौत का मामला पिछले कुछ वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से इस मामले को लेकर समय-समय पर बयान दिए जाते रहे हैं। इस मामले को लेकर कई आरोप और दावे सामने आए हैं, हालांकि विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी जाती रही हैं।
संजय राउत ने कहा कि शिवसेना (UBT) लगातार इस मामले में अपना पक्ष रखती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को बार-बार उठाते हैं।उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को न्याय पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप से स्थिति और जटिल हो सकती है।इस पूरे मामले में सतीश सालियन की ओर से की गई कार्रवाई और उनके वकील के माध्यम से भेजे गए कानूनी नोटिस को लेकर भी चर्चा हो रही है। मानहानि से जुड़े मामलों में पक्षकार अक्सर कानूनी रास्ते अपनाते हैं और अपने आरोपों या आपत्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाते हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में दिशा सालियन मामले को लेकर पहले भी काफी बयानबाजी हो चुकी है। विपक्षी दलों ने समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया है, जबकि शिवसेना (UBT) नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है।संजय राउत ने अपने बयान में आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में आरोपों और दावों की जांच तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दिशा सालियन मामले को लेकर बहस तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) और उसके विरोधी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।फिलहाल मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।