मेरीटाइम वीक 2025 ने तोड़ी सभी सीमाएं, स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा आयोजन
Mumbai मुंबई। भारत के समुद्री क्षेत्र को नई दिशा देने वाले “इंडिया मेरीटाइम वीक 2025” का आयोजन इस बार ऐतिहासिक साबित हुआ। भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (Indian Maritime University) की कुलपति प्रो. मालिनी वी. शंकर ने कहा कि यह आयोजन “कई लोगों की उम्मीदों से कहीं अधिक सफल रहा” और यह स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे बड़ा समुद्री सम्मेलन माना जा सकता है। मुंबई में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देश-विदेश के समुद्री उद्योग, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट डेवलपमेंट, और शिपिंग सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। प्रो. शंकर ने कहा, “इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 ने न केवल भारत के समुद्री क्षेत्र की ताकत को प्रदर्शित किया बल्कि यह दिखाया कि देश अब वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान नीति संवाद, तकनीकी सत्र, निवेश बैठकें और इनोवेशन प्रदर्शनी आयोजित की गईं, जिनमें भारत के तटीय विकास, पोर्ट मॉडर्नाइजेशन, ग्रीन शिपिंग और ब्लू इकॉनमी पर विशेष फोकस रहा। कार्यक्रम में केंद्रीय पोत, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, कई बंदरगाहों के चेयरमैन, निजी कंपनियों और विदेशी प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कई रणनीतिक समझौते और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रो. शंकर ने यह भी कहा कि “भारत अब न केवल अपने समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रहा है, बल्कि समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण में भी वैश्विक मानक स्थापित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 को लेकर उद्योग जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत की ‘समुद्र से समृद्धि’ (Samudra Se Samriddhi) की नीति को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।