पुणे: दिल्ली से पुणे जाने वाली स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में उड़ान भरने से पहले उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब विमान के केबिन का तापमान अचानक काफी बढ़ गया। तेज गर्मी और पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण विमान में सवार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने अत्यधिक गर्मी और पसीने की शिकायत की, जबकि कुछ ने सांस लेने में तकलीफ होने की बात कही। स्थिति बिगड़ने के बाद यात्रियों ने उड़ान भरने से इनकार करते हुए एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया और एयरलाइन से समस्या का समाधान करने की मांग की।

बताया जा रहा है कि फ्लाइट में छोटे बच्चों समेत अलग-अलग उम्र के यात्री सवार थे। यात्रियों के अनुसार, विमान में बैठने के बाद शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद केबिन का तापमान तेजी से बढ़ने लगा। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती गई, यात्रियों की परेशानी भी बढ़ती चली गई। बंद केबिन में गर्मी और हवा के उचित आवागमन की कमी के कारण कई लोग बेचैनी महसूस करने लगे।

यात्रियों ने बताया कि विमान के अंदर तापमान इतना अधिक हो गया था कि लोगों को लगातार पसीना आने लगा। कुछ यात्रियों ने सांस लेने में परेशानी होने की भी शिकायत की। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को लेकर लोग अधिक चिंतित नजर आए। यात्रियों का कहना था कि उड़ान भरने से पहले ही जब विमान के अंदर ऐसी स्थिति बन गई तो हवा में उड़ान के दौरान किसी आपात स्थिति की आशंका से वे डर गए।

स्थिति को देखते हुए यात्रियों ने विमान के उड़ान भरने पर आपत्ति जताई। बताया गया कि फ्लाइट को रनवे की ओर ले जाया गया, लेकिन यात्रियों ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ान भरने का विरोध जारी रखा। यात्रियों का कहना था कि जब विमान के अंदर तापमान और वेंटिलेशन की समस्या दूर नहीं हुई है तो ऐसी स्थिति में उड़ान भरना उचित नहीं होगा।

विमान में मौजूद यात्रियों के विरोध के बाद मामला गंभीर हो गया। यात्रियों ने एयरलाइन के कर्मचारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की। उनका कहना था कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। गर्मी और सांस लेने में दिक्कत जैसी स्थिति में विमान को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

कुछ समय बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ही धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि उन्होंने टिकट लेकर निर्धारित समय पर यात्रा के लिए विमान में बोर्डिंग की थी, लेकिन विमान के अंदर असहनीय गर्मी के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। यात्रियों ने मांग की कि पहले विमान के एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम की समस्या को ठीक किया जाए और उसके बाद ही उड़ान संचालित की जाए।

यात्रियों के मुताबिक, विमान के अंदर तापमान सामान्य नहीं होने के कारण लोग लगातार परेशान रहे। कई लोग अपने बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने की कोशिश करते दिखाई दिए। कुछ यात्रियों ने विमान से बाहर निकलने की मांग भी की। यात्रियों का कहना था कि उड़ान से पहले ही यदि केबिन का तापमान नियंत्रित नहीं किया जा सका तो उड़ान के दौरान यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती थी।

इस घटना ने विमान के रखरखाव और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। विमान के केबिन में तापमान और वेंटिलेशन यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य से भी जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। खासकर गर्म मौसम में विमान के अंदर उचित तापमान बनाए रखना आवश्यक होता है। यात्रियों का कहना था कि एयरलाइन को उड़ान से पहले विमान की सभी प्रणालियों की पर्याप्त जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।

यात्रियों के विरोध के चलते उड़ान की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। एयरपोर्ट पर मौजूद अन्य यात्रियों और कर्मचारियों का ध्यान भी इस घटनाक्रम की ओर गया। यात्रियों ने सामूहिक रूप से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की और एयरलाइन से स्पष्ट जवाब की मांग की। उनका कहना था कि केवल उड़ान का समय बनाए रखने के लिए यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विरोध कर रहे यात्रियों की मुख्य मांग थी कि विमान के अंदर तापमान को सामान्य किया जाए और वेंटिलेशन व्यवस्था को ठीक किया जाए। इसके अलावा यात्रियों ने एयरलाइन से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि तकनीकी समस्या पूरी तरह दूर होने के बाद ही विमान को उड़ान भरने दिया जाए।

इस घटना के बाद यात्रियों में एयरलाइन की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना था कि बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे लोगों के लिए ऐसी स्थिति और अधिक परेशानी वाली थी। यदि विमान के अंदर हवा का प्रवाह ठीक न हो और तापमान लगातार बढ़ता रहे तो यात्रियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

फिलहाल घटना को लेकर यात्रियों की शिकायत और विरोध ने एयरलाइन की यात्री सुविधा तथा विमान संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसी परिस्थितियों में तकनीकी समस्या की जांच और उसका समाधान बेहद जरूरी माना जाता है। विमान के अंदर सामान्य तापमान और पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित होने के बाद ही यात्रियों को उड़ान भरने में सुरक्षित महसूस कराया जा सकता है।

दिल्ली से पुणे जाने वाली इस फ्लाइट में हुई घटना के बाद यात्रियों का विरोध इस बात का संकेत है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं थे। उड़ान से पहले केबिन में बढ़ी गर्मी और वेंटिलेशन की कमी से परेशान यात्रियों ने विमान को उड़ान भरने से रोकने की मांग की और बाद में एयरपोर्ट पर धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। अब यात्रियों की शिकायत और विमान की तकनीकी स्थिति को लेकर एयरलाइन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

Tags: