जोगेश्वरी स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, चलती लोकल ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा यात्री
मुंबई। जोगेश्वरी रेलवे स्टेशन पर 16 सितंबर की रात एक यात्री उस समय बाल-बाल बच गया, जब वह चलती लोकल ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच मौजूद खाली जगह में लगभग गिर गया। घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर लोकल ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की सतर्कता और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने का मुद्दा सामने आया है।
बताया जा रहा है कि घटना रात के समय हुई। यात्री स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने या ट्रेन से उतरने के दौरान प्लेटफॉर्म के किनारे पहुंच गया था। इसी दौरान चलती लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म से गुजर रही थी। यात्री का संतुलन बिगड़ने से वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह की तरफ चला गया। कुछ ही पल में स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन वह किसी तरह खुद को संभालने में सफल रहा और ट्रेन की चपेट में आने से बच गया।
CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में यात्री को प्लेटफॉर्म के किनारे ट्रेन के बेहद करीब जाते हुए देखा जा सकता है। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ती है, यात्री का संतुलन बिगड़ता दिखाई देता है। वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच मौजूद गैप की ओर झुक जाता है।
हालांकि, कुछ ही क्षणों में वह खुद को संभाल लेता है और संभावित हादसे से बच जाता है। यदि यात्री ट्रेन की दिशा में गिर जाता या उसका पैर गैप में चला जाता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
CCTV फुटेज के सामने आने के बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन के आने और जाने के दौरान यात्रियों से प्लेटफॉर्म के किनारे से दूर रहने की अपील लगातार की जाती है।
कुछ सेकंड में बदल सकती थी स्थिति
रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन और किनारे के बीच का हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है। खासकर जब लोकल ट्रेन चल रही हो, उस समय यात्री का प्लेटफॉर्म के किनारे खड़ा होना जोखिम भरा हो सकता है। जोगेश्वरी स्टेशन की घटना में भी यात्री और चलती ट्रेन के बीच दूरी बेहद कम रह गई थी।
वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि घटना कुछ सेकंड के भीतर गंभीर हादसे में बदल सकती थी। यात्री ने समय रहते अपना संतुलन संभाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई।
मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। व्यस्त समय में स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय जल्दबाजी करना या प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े रहना जोखिम बढ़ा सकता है।
यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील
रेलवे की ओर से यात्रियों को लगातार सलाह दी जाती है कि ट्रेन के आने या जाने के दौरान प्लेटफॉर्म के किनारे से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ट्रेन पूरी तरह रुकने के बाद ही यात्री को चढ़ना या उतरना चाहिए।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों को भी ट्रेन के दरवाजों के बिल्कुल सामने या किनारे पर खड़े होने से बचना चाहिए। भीड़ के दौरान किसी के धक्का लगने से संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में प्लेटफॉर्म के सुरक्षित हिस्से में खड़ा होना जरूरी है।
लोकल ट्रेन में सफर के दौरान सतर्कता जरूरी
मुंबई की लोकल ट्रेन व्यवस्था शहर की लाइफलाइन मानी जाती है। लाखों यात्री रोजाना अलग-अलग रूट पर लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। यात्रियों की बड़ी संख्या के कारण स्टेशनों पर अक्सर भीड़ रहती है। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों और रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की ओर से यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने, चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने और प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े रहने से बचें। खासकर रात के समय दृश्यता और भीड़ की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
जोगेश्वरी स्टेशन की घटना में यात्री की जान बच गई, लेकिन CCTV में कैद यह घटना यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। ट्रेन के पूरी तरह रुकने का इंतजार करना और प्लेटफॉर्म के किनारे से उचित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
बाल-बाल बचा यात्री
16 सितंबर की रात हुई इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि यात्री समय रहते संभल गया। चलती लोकल ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरने से वह कुछ ही क्षणों की दूरी पर था। CCTV फुटेज ने पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड कर लिया, जिससे यह साफ नजर आता है कि प्लेटफॉर्म पर थोड़ी सी असावधानी किस तरह जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यात्री के घायल होने की कोई पुष्टि नहीं है। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सतर्कता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी सुरक्षा चूक या रेलवे कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में कोई निष्कर्ष CCTV फुटेज के आधार पर अकेले नहीं निकाला जाना चाहिए।