Pune, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला स्थित लोहगढ़ किले पर हुए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को वडगांव मावल न्यायालय ने 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस ने अदालत से कहा कि मामले की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है और कई तथ्यों की पुष्टि के लिए आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार कर ली।

यह मामला शुरुआत में एक हादसे के रूप में सामने आया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर मामले ने हत्या का रूप ले लिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से अभी विस्तृत पूछताछ जारी है। जांच के दौरान हत्या की कथित साजिश, दोनों आरोपियों की भूमिका, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, मोबाइल फोन के डेटा, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है।

जांच एजेंसी घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण भी करेगी। इसके साथ ही आरोपियों के बयानों का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग पहले ही मिल चुके हैं। अब उन सभी तथ्यों की पुष्टि कर घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला तैयार की जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

मामले की सुनवाई के दौरान केतन अग्रवाल के पक्ष में विशेष सरकारी वकील के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को नियुक्त किया गया है। वहीं, आरोपी सिया गोयल की ओर से अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव और चेतन चौधरी की ओर से अधिवक्ता राम शाहाणे ने अदालत में पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर स्पष्टता मिल सकती है। डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण भी जांच का हिस्सा है।

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अब तक सामने आई जानकारी जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों पर आधारित है। मामले की अंतिम स्थिति और आरोपों की पुष्टि न्यायालय में पूरी सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी। आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित हत्याकांड से जुड़े और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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