पुणे : बहुचर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के परिवार की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। बेटी सिया गोयल जहां अपने मंगेतर की हत्या के आरोप में जेल में बंद है, वहीं अब उसके पिता प्रवीन गोयल की पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित मसालों और ड्राई फ्रूट्स की दुकान पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। महाराष्ट्र एफडीए की टीम ने नियमों के उल्लंघन, खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका और वैध लाइसेंस से अलग पते पर कारोबार संचालित करने के आरोप में दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, एफडीए की यह कार्रवाई तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत की गई। अधिकारियों ने मार्केट यार्ड स्थित 'मैसर्स बीजी गोयल एंड कंपनी' में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बरामद की। टीम ने दुकान और उससे जुड़े परिसर से करीब 4,172 किलोग्राम खाद्य सामान जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8.14 लाख रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों ने मौके से चार अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
एफडीए के मुताबिक, जिन खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं, उनमें 'संत' ब्रांड हल्दी पाउडर, 'साधु' ब्रांड हल्दी पाउडर, तिल और सोयाबीन चंक्स शामिल हैं। इन सभी नमूनों की लैब में जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन खाद्य पदार्थों में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी थी या नहीं। फिलहाल जांच पूरी होने तक दुकान में खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
एफडीए के जॉइंट कमिश्नर दिगंबर भोगावड़े के अनुसार, जांच के दौरान लाइसेंस संबंधी गंभीर अनियमितता भी सामने आई। अधिकारियों ने पाया कि दुकान के पास जिस पते के नाम पर खाद्य कारोबार का लाइसेंस था, वहां वास्तविक कारोबार संचालित नहीं हो रहा था। इसके बजाय मुख्य व्यापार और गोदाम किसी दूसरे ऐसे पते से चलाए जा रहे थे, जो संबंधित लाइसेंस में दर्ज नहीं था। खाद्य कारोबार के लिए निर्धारित नियमों के तहत लाइसेंस में दर्ज पते पर ही कारोबार संचालित करना जरूरी है।
जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लेबलिंग को लेकर भी संदेह हुआ। एफडीए ने कुछ उत्पादों को लेकर मिलावट की आशंका जताई है। हालांकि, अभी तक किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं, दुकान के मालिक प्रवीन गोयल ने एफडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे उत्पीड़न बताया है। उनका दावा है कि उनकी बेटी सिया गोयल के हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले में जेल जाने के बाद परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। प्रवीन गोयल के मुताबिक, उनकी दुकान में नामी कंपनियों के उत्पाद बेचे जाते हैं और उनके पास सामान की खरीद से संबंधित वैध बिल भी मौजूद हैं। उन्होंने कार्रवाई के पीछे बेटी के मामले का दबाव होने का आरोप लगाया है।
हालांकि, एफडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुकान पर की गई कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई लाइसेंस, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और कारोबार के नियमों की जांच के आधार पर की गई है। इसका सिया गोयल से जुड़े आपराधिक मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है।
दरअसल, सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में गंभीर आरोप हैं। दोनों जून महीने से येरवडा सेंट्रल जेल में बंद बताए जा रहे हैं। आरोप है कि सिया और चेतन ने साजिश के तहत सिया के मंगेतर और पुणे के बिल्डर केतन अग्रवाल की हत्या की। आरोप के मुताबिक, केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से नीचे धक्का दिया गया था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और चार्जशीट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी है।
एफडीए की कार्रवाई में अब जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में खाद्य पदार्थों में खतरनाक या प्रतिबंधित मिलावट की पुष्टि होती है तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। कानून में गंभीर मामलों में भारी जुर्माने के साथ कड़ी सजा का भी प्रावधान है।
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर एफडीए की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मिलावटखोरी, बिना लाइसेंस कारोबार और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुणे संभाग में भी कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और बड़ी मात्रा में संदिग्ध या प्रतिबंधित खाद्य सामग्री जब्त की गई है। फिलहाल बीजी गोयल एंड कंपनी के मामले में सबकी नजर लैब रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।