PUNE पुणे: गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं से चोरी करने वाले गिरोह पर पुणे पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विश्रामबाग पुलिस ने सोने की चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब 35 लाख रुपये कीमत का चोरी का सामान बरामद किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गणपति विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर मौजूद थे। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कुछ गिरोह सक्रिय हो जाते हैं और महिलाओं के गले से सोने की चेन, मंगलसूत्र तथा लोगों के मोबाइल फोन चोरी करते हैं।
जोन-1 के डीसीपी कृषिकेश रावले ने बताया कि पुलिस ने इस कार्रवाई में चोरी करने वाले गिरोह के दो अलग-अलग मॉड्यूल का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के त्योहारों के दौरान सामने आए मामलों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया गया था।
सादे कपड़ों में तैनात थी पुलिस टीम
डीसीपी के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नवनाथ जगताप ने एपीआई उमेश करके के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की थी। टीम को गणपति विसर्जन मार्गों पर जेबकतरों और चेन स्नैचिंग करने वाले संदिग्धों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़ों में भीड़ के बीच रहकर निगरानी शुरू की। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से 15 संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने गणेशोत्सव और विसर्जन जुलूस के दौरान चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
22 मामलों से जुड़े आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध कुल 22 चोरी के मामलों से है। इनमें 19 मामले विश्रामबाग थाना क्षेत्र के हैं। इनमें 15 मामले सोने की चोरी, 3 मोबाइल चोरी और एक मामला जेबकतरी से जुड़ा है। इसके अलावा फराशखाना पुलिस स्टेशन में दर्ज सोने की चोरी के तीन मामलों और चंदननगर क्षेत्र के एक मामले में भी आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया सामान बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है।
पांच आरोपियों को पुलिस हिरासत
पुलिस के मुताबिक, संतोष कान्हू पवार (अहिल्यानगर), जलिंदर शिवराव वाघमारे (बीड), सुशांत शिवाजी गायकवाड़ (लातूर), गफर मौला शेख (हैदराबाद) और शेख सैबाज शेख शफीक (मालेगांव, नासिक) को 29 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार 56 घंटे तक चले अभियान के बाद पूरी हुई। जांच टीम ने 25 सितंबर सुबह 7 बजे से 27 सितंबर दोपहर 3 बजे तक लगातार काम करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की घटनाओं से जुड़े दूसरे मामलों की जांच कर रही है।
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