Nagpur नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में भारत सरकार के डाक विभाग ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के ऐतिहासिक आवास पर आधारित विशेष डाक कवर, स्मारक पुस्तिका (ब्रोशर) और स्थायी चित्रात्मक डाक मुहर (पिक्टोरियल कैंसलेशन) जारी की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. हेडगेवार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक-दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार का पूरा जीवन संघ के कार्य और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित था। उनके जीवन का कोई अन्य उद्देश्य नहीं था।
भागवत ने बताया कि नागपुर स्थित इस ऐतिहासिक भवन की ऊपरी मंजिल के एक कमरे में विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि यही स्थान संघ के इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है और आज भी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
डाक विभाग द्वारा जारी विशेष कवर और चित्रात्मक डाक मुहर का उद्देश्य इस ऐतिहासिक धरोहर और डॉ. हेडगेवार के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. हेडगेवार के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और संघ की स्थापना से जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और गणमान्य लोग इस अवसर पर मौजूद रहे। यह आयोजन नागपुर के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से जुड़े स्मृति स्थलों को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।