नालासोपारा। गणेशोत्सव से पहले महाराष्ट्र के नालासोपारा पश्चिम स्थित यशवंत गौरव इलाके में गणपति की प्रतिमा ले जाते समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शनिवार शाम करीब छह से सात बजे के बीच अचानक हुई बारिश के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा असंतुलित होकर श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गई। प्रतिमा के नीचे चार-पांच लोगों के दबने से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल सहायता करते हुए सभी को बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ श्रद्धालु बड़ी गणेश प्रतिमा को बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक की शीट से ढकने का प्रयास करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान प्रतिमा एक तरफ झुकने लगती है। वहां मौजूद लोगों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता और कुछ ही क्षणों में प्रतिमा नीचे गिर जाती है। चार-पांच श्रद्धालु मूर्ति और उसके साथ लगी सामग्री के नीचे दबते दिखाई देते हैं।

वर्कशॉप से पंडाल ले जाई जा रही थी मूर्ति


बताया जा रहा है कि गणेश प्रतिमा को एक वर्कशॉप से पूजा पंडाल या निर्धारित स्थापना स्थल की ओर ले जाया जा रहा था। प्रतिमा को ट्रॉली पर रखकर श्रद्धालु गणपति आगमन यात्रा निकाल रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। प्रतिमा को पानी से बचाने के लिए साथ चल रहे लोगों ने जल्दी-जल्दी उसे प्लास्टिक की बड़ी शीट से ढकना शुरू किया।

प्लास्टिक चढ़ाते समय कुछ श्रद्धालु प्रतिमा के काफी पास खड़े थे। बारिश, गीली सड़क और जल्दबाजी के बीच मूर्ति का संतुलन बिगड़ गया। प्रतिमा जिस ओर झुकी, उस तरफ मौजूद श्रद्धालु समय रहते पूरी तरह पीछे नहीं हट सके। मूर्ति और सजावटी सामग्री उनके ऊपर आ गिरी।

प्रतिमा गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालु और स्थानीय लोग तत्काल दौड़कर मौके पर पहुंचे। लोगों ने मिलकर मूर्ति के नीचे फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कुछ ही देर में सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उपलब्ध सूचनाओं में किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।

वायरल वीडियो ने लोगों को चौंकाया

हादसे का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया। वीडियो में मूर्ति को गिरते और लोगों को उसके नीचे दबते देखकर कई उपयोगकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की। शुरुआत में वीडियो के साथ कई तरह के दावे भी किए गए, लेकिन स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार मूर्ति के नीचे आए चार-पांच लोग सुरक्षित बच गए।

 यशवंत गौरव इलाके में हुई इस घटना में चार-पांच श्रद्धालु मूर्ति के नीचे आ गए थे, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। इस तरह समय पर मिली सहायता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।

वायरल वीडियो को देखकर लोगों ने राहत जताने के साथ गणेश प्रतिमाओं के परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि बड़ी प्रतिमाओं को ले जाते समय केवल रस्सियों और श्रद्धालुओं के सहारे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ट्रॉली पर मजबूत आधार, सुरक्षा बेल्ट और प्रतिमा को स्थिर रखने वाला ढांचा होना जरूरी है।

बारिश ने बढ़ाई परेशानी

गणेशोत्सव से पहले प्रतिमाओं को वर्कशॉप से पंडालों तक ले जाने का सिलसिला तेज हो जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आगमन यात्रा में शामिल होते हैं। डीजे, ढोल और जयकारों के बीच सड़क पर भीड़ भी बढ़ जाती है। यदि इसी समय तेज बारिश या हवा चलने लगे तो ऊंची प्रतिमाओं के असंतुलित होने का खतरा बढ़ जाता है।

यशवंत गौरव की घटना में भी अचानक बारिश को हादसे की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। बारिश शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने मूर्ति को पानी से बचाने के लिए प्लास्टिक ढकने का प्रयास किया। इस प्रक्रिया में संभवतः प्रतिमा पर एक तरफ दबाव बढ़ा और ट्रॉली पर उसका संतुलन बिगड़ गया। हालांकि हादसे का सटीक तकनीकी कारण किसी आधिकारिक निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन में सावधानी जरूरी

घटना ने एक बार फिर बड़ी धार्मिक प्रतिमाओं के परिवहन से जुड़े सुरक्षा मानकों पर ध्यान खींचा है। मूर्ति की ऊंचाई और वजन के अनुसार वाहन का चयन, प्रतिमा को मजबूत पट्टियों से बांधना तथा ट्रॉली की क्षमता की जांच आवश्यक होती है। यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग में बिजली के तारों, पेड़ों, सड़क के गड्ढों और संकरे रास्तों की जानकारी भी होनी चाहिए।

बारिश के मौसम में ट्रॉली और सड़क दोनों फिसलन भरे हो सकते हैं। ऐसे में प्रतिमा के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकना और प्रशिक्षित लोगों को ही उसके नजदीक रखना जरूरी है। मूर्ति को ढकने के लिए पहले से ऐसी व्यवस्था की जा सकती है, जिसे अचानक बारिश होने पर दूर से नियंत्रित किया जा सके।

उत्सव के बीच मिला सुरक्षा का संदेश

इस घटना में किसी श्रद्धालु को गंभीर चोट नहीं लगना राहत की बात है, लेकिन वीडियो ने लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। धार्मिक उत्साह के बीच सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। आयोजकों को प्रतिमा के आगमन से लेकर स्थापना और विसर्जन तक हर चरण के लिए सुरक्षा योजना तैयार करनी चाहिए।

यशवंत गौरव इलाके में हुए हादसे के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे की मदद करते हुए स्थिति को संभाला। प्रतिमा के नीचे दबे लोगों को तुरंत बाहर निकाले जाने से बड़ी जनहानि टल गई। घटना का वायरल वीडियो अब गणेश मंडलों और आयोजकों के लिए एक चेतावनी बन गया है कि बदलते मौसम में प्रतिमा परिवहन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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