पुणे। पुणे के अंबेगांव इलाके में पुलिस ने हथियारों की कथित अवैध तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से तीन देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। बरामद हथियारों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई है।

यह कार्रवाई सोमवार, 10 अगस्त को जंभुलवाड़ी इलाके में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के साथ अंबेगांव खुर्द के शानिनगर में जंभुलवाड़ी रोड स्थित जंभुलवाड़ी परकोलेशन टैंक के पास एक खुले स्थान पर मौजूद हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और निर्देश के अनुसार मौके पर कार्रवाई की।

गुप्त सूचना के बाद बिछाया जाल

पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली सूचना में तीन लोगों के हथियारों के साथ एक सुनसान जगह पर मौजूद होने की जानकारी दी गई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम को मौके पर भेजने का फैसला किया।

असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर महेश नायकवाड़ी और पुलिस सब-इंस्पेक्टर युवराज शिंदे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जंभुलवाड़ी परकोलेशन टैंक के पास निगरानी शुरू की। पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए इलाके में घेराबंदी की।

जैसे ही पुलिस को संदिग्धों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से तीन देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।

तीनों आरोपी धायरी के रहने वाले

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान राजन विनोद शाह, अनिल कैलाश चौधरी और प्रथम अरुण रेनुसे के रूप में की है। तीनों पुणे के धायरी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, राजन विनोद शाह सब्जी विक्रेता है। वहीं 26 वर्षीय अनिल कैलाश चौधरी पान की दुकान चलाता है। तीसरा आरोपी 24 वर्षीय प्रथम अरुण रेनुसे गैराज में काम करता है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तीनों आरोपियों के पास ये हथियार कहां से आए और इन्हें किस उद्देश्य से रखा गया था। हथियारों की खरीद और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

हथियारों की बरामदगी से कई सवाल

तीन देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल खड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में करने वाले थे या इन्हें किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने की योजना थी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तीनों आरोपी आपस में किस तरह जुड़े हुए हैं और क्या उनके किसी बड़े आपराधिक गिरोह से संबंध हैं।

पूछताछ के दौरान पुलिस हथियारों के स्रोत और उनके संभावित खरीदार या संपर्कों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकती है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के निर्देश के बाद टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों ने पहले इलाके की निगरानी की और सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।

अचानक की गई कार्रवाई के दौरान तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। इसके बाद उनके पास मौजूद सामान की तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार, इसी तलाशी में हथियार और कारतूस बरामद हुए।

पुलिस ने बरामद हथियारों को जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

आपराधिक रिकॉर्ड की भी होगी जांच

पुलिस अब गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि क्या पहले उनके खिलाफ किसी तरह का मामला दर्ज रहा है या वे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या तीनों ने हाल के दिनों में किसी संदिग्ध व्यक्ति से संपर्क किया था। मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच भी मामले को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

इलाके में बढ़ाई जा सकती है निगरानी

जंभुलवाड़ी और आसपास के इलाकों में हथियारों के साथ तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की निगरानी और सतर्कता बढ़ाई जा सकती है। खुले और कम आबादी वाले स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद हथियारों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। अब जांच का मुख्य उद्देश्य हथियारों की खरीद-फरोख्त के स्रोत का पता लगाना और यह जानना है कि इन्हें किस मकसद से रखा गया था।

तीन देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस की बरामदगी को पुलिस की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के संभावित आपराधिक संपर्कों से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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