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नासिक। राज्यभर में नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य सुरक्षा कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दूध और डेयरी उत्पादों के खिलाफ विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत नासिक शहर में अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए एक परिसर में बिना जरूरी लाइसेंस या मंजूरी के बिक्री के लिए रखा गया अलग-अलग ब्रांड का घी बरामद किया।
यह कार्रवाई 10 अगस्त को नासिक शहर के रविवार पेठ इलाके में स्थित संजय भागचंद बुराड के परिसर में की गई। FDA की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां रखे खाद्य उत्पादों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को घी के कई ब्रांड बिक्री के लिए रखे हुए मिले।
बिना जरूरी लाइसेंस बिक्री की तैयारी
FDA अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि परिसर में अलग-अलग ब्रांड का घी रखा गया था, लेकिन उसके कारोबार और बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस या मंजूरी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
खाद्य कारोबार के लिए निर्धारित नियमों के तहत संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों को आवश्यक पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करना होता है। साथ ही खाद्य उत्पादों के भंडारण और बिक्री के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना भी जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद FDA ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने उपलब्ध सामग्री और रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया है।
पूरे राज्य में चल रहा विशेष अभियान
दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर FDA ने राज्यभर में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य बाजार में बिक रहे दूध, घी, पनीर, दही और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच करना है।
अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़े खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग शहरों और इलाकों में खाद्य कारोबारियों तथा डेयरी उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत खाद्य उत्पादों के लाइसेंस, लेबलिंग, भंडारण, पैकेजिंग और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा कानून के पालन पर जोर
FDA की कार्रवाई का उद्देश्य फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करना है। खाद्य कारोबार से जुड़े सभी संचालकों के लिए कानून के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
किसी भी खाद्य उत्पाद को बाजार में बेचने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि वह निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो। इसके साथ ही कारोबार संचालित करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठान के पास आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज भी होने चाहिए।
नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
घी की गुणवत्ता की जांच भी अहम
घी जैसे डेयरी उत्पाद सीधे तौर पर लोगों के दैनिक भोजन का हिस्सा हैं। ऐसे में इसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
FDA की टीम द्वारा की गई जांच में जिन उत्पादों को नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, उनकी आगे जांच की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में भी भेजे जा सकते हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की पुष्टि की जा सके।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई में मुख्य रूप से बिना जरूरी लाइसेंस या मंजूरी के घी को बिक्री के लिए रखे जाने का मामला सामने आया है। उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
कारोबारियों को नियमों का पालन करने की अपील
विशेष निरीक्षण अभियान के जरिए FDA ने खाद्य कारोबारियों को यह संदेश भी दिया है कि वे खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करें। बिना आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य उत्पादों का कारोबार करने से बचने के साथ-साथ कारोबारियों को उत्पादों के सही भंडारण और लेबलिंग जैसे नियमों का भी पालन करना होगा।
अधिकारियों का मानना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
नासिक में हुई यह कार्रवाई राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में दूध और डेयरी उत्पादों से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किए जाने की संभावना है।
FDA की टीमें अलग-अलग स्थानों पर खाद्य कारोबारियों के दस्तावेजों और उत्पादों की जांच कर सकती हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल रविवार पेठ में संजय भागचंद बुराड के परिसर में मिली अनियमितता के संबंध में विभाग की जांच आगे बढ़ रही है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा विभाग डेयरी उत्पादों की बिक्री और भंडारण में नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।
राज्यभर में शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि बाजार में उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित हो।





