मुंबई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले की पुलिस गहन छानबीन सीसीटीवी की मदद से कर रही है। इसके साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से संस्थान प्रशासन ने हॉस्टल के कमरों से सीलिंग फैन हटाकर उनकी जगह दीवार पर लगाने का काम मंगलवार से शुरु कर दिया है।

इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने आज बताया कि साहिल वाकोडे हॉस्टल नंबर 4 स्थित अपने कमरे में मृत पाए गए थे । साहिल की मौत के मामले में सीसीटीव फुटेज जांच की एक अहम कड़ी बन गई है। क्राइम ब्रांच की टीम एग्जाम हॉल से लेकर हॉस्टल तक के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि घटना से पहले साहिल की गतिविधियों का पूरा क्रम सामने आ सके।

घटना वाले दिन दोपहर करीब 12.30 से 12.45 बजे के बीच एग्जाम हॉल की सीसीटीवी फुटेज में साहिल की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई थीं। परीक्षा खत्म होने में करीब 15 मिनट बाकी थे, जब साहिल अपनी जेब में कुछ देखने के लिए नीचे झुकते दिखाई दिए। इसके बाद वहां मौजूद एक प्रोफेसर उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले गए।

एग्जाम हॉल से बाहर निकलने के बाद साहिल कैंपस में जाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिए। इसके बाद दोपहर करीब 1.25 बजे वह हॉस्टल स्थित अपने कमरे में दाखिल हुए। जांच के मुताबिक, इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकले। पुलिस अब एग्जाम हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज को आपस में जोडक़र घटना से पहले की पूरी टाइमलाइन तैयार करने में जुटी है।

इस मामले में सोमवार, 21 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने छात्रों की मांगों के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के पद से हटा दिया है। वहीं, साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने एग्जाम से जुड़े प्रोफेसर और सुपरवाइजर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में सही तथ्यों तक पहुंचने के लिए ही सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है ।

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