राहुल गांधी के देर रात फोन के बाद पलटा फैसला पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने BJP में जाने से किया इनकार
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार देर रात एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का अपना फैसला अंतिम समय में बदल दिया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से फोन पर बातचीत के बाद बोंद्रे ने कांग्रेस में ही बने रहने का फैसला किया।
बोंद्रे का मंगलवार यानी 22 सितंबर को भाजपा में प्रवेश प्रस्तावित था। रिपोर्टों के अनुसार इसके लिए मुंबई स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यक्रम की तैयारी भी थी। लेकिन उससे कुछ घंटे पहले राहुल गांधी से हुई बातचीत के बाद बोंद्रे ने अपना फैसला वापस ले लिया।
BJP में जाने का कर चुके थे ऐलान
राहुल बोंद्रे बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा में शामिल होने की अपनी योजना सार्वजनिक की थी।
उनके इस फैसले के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने उनसे संपर्क किया। स्थानीय स्तर पर भी उनके संभावित पार्टी परिवर्तन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई थी।
22 सितंबर को होना था पार्टी प्रवेश
रिपोर्टों के अनुसार बोंद्रे का भाजपा प्रवेश 22 सितंबर को मुंबई में प्रस्तावित था। चिखली की भाजपा विधायक श्वेता महाले ने भी मीडिया से बातचीत में उनके भाजपा में शामिल होने की योजना की पुष्टि की थी।
इसके बाद माना जा रहा था कि बोंद्रे औपचारिक रूप से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले जाएंगे। हालांकि कार्यक्रम से पहले ही परिस्थितियां बदल गईं।
राहुल गांधी ने किया फोन
बोंद्रे के भाजपा में जाने की खबर कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बात की। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक बातचीत में गांधी ने उनसे कांग्रेस में बने रहने और अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने को कहा।
रिपोर्टों में राहुल गांधी के हवाले से कहा गया कि पार्टी को बोंद्रे की जरूरत है और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। बातचीत के बाद बोंद्रे ने भाजपा में जाने का फैसला वापस लेने की घोषणा की।
बातचीत के बाद बदला फैसला
बोंद्रे और राहुल गांधी की बातचीत से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है। कुछ मीडिया संस्थानों ने इसकी सामग्री रिपोर्ट की है, हालांकि लाइव हिन्दुस्तान ने स्पष्ट किया कि वह वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
रिपोर्टों के मुताबिक बातचीत के दौरान बोंद्रे ने राहुल गांधी से कहा कि उनके सीधे संपर्क करने के बाद उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया है और कांग्रेस के साथ काम जारी रखेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने भी किया था संपर्क
बोंद्रे के फैसले की जानकारी सामने आने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से भी उनसे संपर्क किए जाने की खबरें हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के माध्यम से भी बातचीत आगे बढ़ी और बाद में राहुल गांधी से सीधा संवाद हुआ।
इसके बाद बोंद्रे ने कांग्रेस में ही बने रहने का निर्णय लिया।
चिखली से रह चुके हैं विधायक
राहुल बोंद्रे बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता के कारण उनके पार्टी बदलने की घोषणा ने स्थानीय राजनीति में चर्चा पैदा की थी।
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बोंद्रे ने कांग्रेस के टिकट पर चिखली से चुनाव लड़ा था। उन्हें भाजपा की श्वेता महाले से हार का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत-हार का अंतर 3,702 वोट रहा था।
सोशल मीडिया पर किया था फैसला सार्वजनिक
रिपोर्टों के मुताबिक बोंद्रे ने भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले की जानकारी फेसबुक लाइव के जरिए दी थी। उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं का आभार भी जताया था। इससे संकेत मिला था कि पार्टी परिवर्तन का उनका फैसला काफी आगे बढ़ चुका है।
हालांकि कुछ ही घंटों में राहुल गांधी से बातचीत के बाद स्थिति बदल गई और उन्होंने कांग्रेस में बने रहने का फैसला किया।
बुलढाणा की राजनीति में बढ़ी चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम का असर फिलहाल सबसे ज्यादा बुलढाणा और चिखली की स्थानीय राजनीति में दिखाई दे रहा है। एक तरफ भाजपा में उनके प्रस्तावित प्रवेश की तैयारियों की खबरें थीं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे संपर्क कर उन्हें पार्टी में बनाए रखा।
बोंद्रे के फैसले के राजनीतिक प्रभाव का आकलन आने वाले दिनों में स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया और दोनों दलों की आगे की रणनीति के आधार पर अधिक स्पष्ट होगा। फिलहाल तथ्य यह है कि प्रस्तावित भाजपा प्रवेश नहीं हुआ और बोंद्रे ने कांग्रेस में बने रहने की बात कही है।
अंतिम समय में बदला राजनीतिक घटनाक्रम
सोमवार तक राहुल बोंद्रे के भाजपा में जाने की चर्चा थी और मंगलवार को उनका पार्टी प्रवेश प्रस्तावित था। लेकिन राहुल गांधी के फोन के बाद कुछ ही घंटों में पूरा घटनाक्रम बदल गया।
इस घटनाक्रम में राहुल गांधी और बोंद्रे के बीच हुई बातचीत निर्णायक मोड़ के रूप में रिपोर्ट की गई है। बोंद्रे ने फिलहाल कांग्रेस के साथ बने रहने का फैसला किया है, जिससे 22 सितंबर को प्रस्तावित उनका भाजपा प्रवेश टल गया।