मध्य प्रदेश : इंदौर जिले के एक 30 वर्षीय व्यक्ति के नर्मदा नदी की तेज धारा में बह जाने की घटना सामने आई है। यह हादसा खरगोन जिले के महेश्वर स्थित प्रसिद्ध सहस्त्रधारा घाट पर हुआ। घटना के समय युवक का परिवार भी मौके पर मौजूद था, लेकिन देखते ही देखते तेज बहाव उसे अपने साथ बहा ले गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हादसे का भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, युवक अपने परिवार के साथ नर्मदा नदी के सहस्त्रधारा घाट पर पहुंचा था। इसी दौरान वह नदी में गया, लेकिन अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों और परिवार वालों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी की तेज धारा के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और बचाव दल को दी। इसके बाद गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू की। बचाव अभियान रविवार शाम से जारी है, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें युवक नदी के पानी में खुद को संभालने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह पानी की सतह पर बने रहने और तेज धारा के विपरीत तैरकर किनारे तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, नर्मदा नदी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही सेकंड में वह धारा में बह गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना अचानक हुई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। परिवार के लोग युवक को नदी में बहते हुए देखते रह गए और मदद के लिए आवाज लगाते रहे। हादसे के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव कार्य तेज कर दिया है। रेस्क्यू टीम नदी के अलग-अलग हिस्सों में युवक की तलाश कर रही है। नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नर्मदा नदी के घाटों पर बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की स्थिति बन जाती है। ऐसे समय में नदी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों से सावधानी बरतने और गहरे पानी में जाने से बचने की अपील करता है।
महेश्वर का सहस्त्रधारा घाट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से काफी प्रसिद्ध है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन मानसून के दौरान नदी में पानी का बहाव बढ़ जाने से हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नदियों में तेज बहाव के दौरान तैराकी का अनुभव रखने वाले लोग भी कई बार मुश्किल में फंस जाते हैं। पानी की धारा की गति, गहराई और अचानक बदलती परिस्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।
प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। लोगों को चेतावनी वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और नदी के खतरनाक हिस्सों में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
फिलहाल रेस्क्यू टीम युवक की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन और स्थानीय अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। परिवार के लोग भी युवक के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान नदियों और जल स्रोतों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।