इंदौर : शहर के विकास को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच इंदौर के थिंक टैंक ‘अभ्यास मंडल’ की ओर से गुरुवार को एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि इंदौर की कभी अनदेखी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि शहर की प्रगति के पीछे सबसे बड़ा योगदान यहां के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, प्रयासों और दृढ़ संकल्प का रहा है।
पैनल चर्चा को संबोधित करते हुए सुमित्रा महाजन ने कहा कि इंदौर ऐसा शहर है, जिसे कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। शहर ने लगातार अपनी मेहनत, सकारात्मक सोच और नागरिकों की भागीदारी के बल पर विकास की नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर की पहचान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि यहां के लोगों की पहल और सहयोग से भी बनी है।
महाजन ने शहर में हुए प्रमुख विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर के विकास की यात्रा कई वर्षों के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने नर्मदा पेयजल परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि यह योजना लंबे जनसंघर्ष और लगातार प्रयासों के बाद पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों ने अपनी जरूरतों और अधिकारों के लिए आवाज उठाई और इसी का परिणाम है कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं धरातल पर आ सकीं।
उन्होंने कहा कि इंदौर के विकास में सरकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से शहर में कई बड़ी परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जिससे इंदौर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।
कार्यक्रम में सुमित्रा महाजन ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इंदौर की वास्तव में अनदेखी की गई होती तो क्या शहर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित हो पातीं? क्या महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MY अस्पताल) को करोड़ों रुपये के आधुनिक चिकित्सा उपकरण मिल पाते? क्या इंदौर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन पाता? उन्होंने कहा कि ये सभी उपलब्धियां बताती हैं कि शहर के विकास को लगातार गति मिली है।
उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का भी जिक्र किया और कहा कि वहां उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एयर कार्गो जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिली और रोजगार के अवसर बढ़े।
महाजन ने कहा कि किसी भी शहर का विकास केवल सरकारों के प्रयासों से संभव नहीं होता। इसके लिए नागरिकों की जागरूकता, भागीदारी और जिम्मेदारी भी जरूरी होती है। इंदौर के लोगों ने स्वच्छता, विकास और सामाजिक अभियानों में जिस तरह सहयोग किया है, वह शहर की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि इंदौर की पहचान देश के सबसे स्वच्छ शहरों में होने के पीछे भी यहां के नागरिकों की भूमिका अहम रही है। लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाया और लगातार बेहतर परिणाम हासिल किए।
पैनल चर्चा में शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने इंदौर के बदलते स्वरूप, बढ़ती आबादी और आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि तेजी से विकसित होते शहर के लिए दीर्घकालिक योजनाओं और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में यह मुद्दा भी उठाया गया कि किसी भी बड़े शहर के विकास के लिए केवल नए प्रोजेक्ट शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना भी जरूरी है। शहर के यातायात, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
अभ्यास मंडल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में शहर के भविष्य को लेकर कई सुझाव भी सामने आए।
सुमित्रा महाजन ने कहा कि इंदौर ने अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयासों से एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि शहर की प्रगति की कहानी यहां के लोगों की सक्रियता और सकारात्मक सोच से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि आगे भी इंदौर को विकास के रास्ते पर बनाए रखने के लिए सरकार, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। शहर की जरूरतों को समझते हुए योजनाएं बनानी होंगी और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इंदौर की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। शहर का विकास लगातार जारी रहे, इसके लिए नागरिक सहभागिता और दूरदर्शी योजनाओं को प्राथमिकता देनी होगी।