भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बुधवार, 12 अगस्त को भी सभी स्कूल बंद रहे। जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। बारिश के कारण स्कूल बंद रखने का यह लगातार तीसरा दिन है।
जिला प्रशासन का यह निर्णय शहर और आसपास के इलाकों में लगातार बिगड़ते मौसम तथा बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। भोपाल में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है।
सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू आदेश
12 अगस्त की छुट्टी का आदेश भोपाल जिले में संचालित विभिन्न बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू है। इनमें मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के साथ-साथ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) और अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूल शामिल हैं। यानी सरकारी स्कूलों के अलावा निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बुधवार को स्कूल नहीं जाना है।
प्रशासन के इस फैसले से नर्सरी, प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच छोटे बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने में अभिभावकों को भी परेशानी हो रही थी। बारिश के कारण कई मार्गों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति में स्कूल बसों तथा अन्य वाहनों की आवाजाही भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
लगातार तीसरे दिन स्कूलों में अवकाश
भोपाल में बारिश को देखते हुए इससे पहले भी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। 11 अगस्त को भी जिले के स्कूलों में अवकाश रहा था। इसके बाद 12 अगस्त को लगातार तीसरे दिन स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया।
लगातार बारिश का असर केवल राजधानी भोपाल तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है और कुछ स्थानों पर रास्ते प्रभावित हुए हैं। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है।
आम जनजीवन पर बारिश का असर
भोपाल में लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ निचले इलाकों में पानी जमा होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।
बारिश का असर रोजमर्रा की गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक व्यवस्था पर भी पड़ा है। स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों को घर पर रहना पड़ रहा है, जबकि स्कूल प्रबंधन को भी मौसम सामान्य होने तक सुरक्षा संबंधी तैयारियों पर ध्यान देना पड़ रहा है।
प्रशासन की प्राथमिकता विद्यार्थियों की सुरक्षा
लगातार बारिश के दौरान स्कूलों को बंद रखने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विशेषकर छोटे बच्चों के लिए जलभराव वाले रास्तों से होकर स्कूल पहुंचना परेशानी और जोखिम दोनों बढ़ा सकता है। ऐसे में प्रशासन ने शैक्षणिक गतिविधियों की तुलना में सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
अभिभावकों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों या तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से रोकें। बारिश के दौरान नदी, नाले और अन्य जलस्रोतों के आसपास विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
आगे भी मौसम पर रहेगी नजर
मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। स्कूलों को दोबारा खोलने अथवा अवकाश बढ़ाने से संबंधित कोई भी निर्णय स्थानीय मौसम की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था के आधार पर लिया जा सकता है।
फिलहाल 12 अगस्त को भोपाल जिले के नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद हैं। लगातार तीसरे दिन स्कूलों में अवकाश रहने से साफ है कि राजधानी में बारिश की स्थिति को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे प्रशासन तथा अपने संबंधित स्कूल की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी बरतें।