भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया गया। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘सुगम परिवहन सेवा’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें प्रदेश के सात प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड में संचालित की जाएंगी।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करने के साथ यात्रियों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी है। हालांकि अभी अलग-अलग शहरों में बसों की संख्या और उनके निर्धारित रूट के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बसों को हरी झंडी दिखाकर परिवहन सेवाओं की शुरुआत की। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य लोग भी मौजूद रहे। नई बस सेवाओं को मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के लिए आधुनिक और अनोखा मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से मध्य प्रदेश के प्रत्येक शहर और जिले को बेहतर बस सेवाओं से जोड़ने की योजना है। इसमें ई-बसों के अलावा जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह की बस सेवाएं भी शामिल की जाएंगी।

सरकार की योजना के अनुसार परिवहन सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले चरणों में अन्य शहरों और जिलों तक भी इसका विस्तार किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ेंगे और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

नई बसों का संचालन इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड जैसे शहरों में किया जाएगा। इन शहरों में बड़ी संख्या में लोग रोजाना कामकाज, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नई बसों के जुड़ने से मौजूदा परिवहन व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिलने की उम्मीद है।

पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक ईंधन से चलने वाली बसों की तुलना में प्रदूषण कम करने में सहायक मानी जाती हैं। इनका विस्तार शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक बनाने के साथ पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक कदम है।

मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी बढ़ी है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

‘सुगम परिवहन सेवा’ के माध्यम से सरकार प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। सरकार ने संकेत दिया है कि अलग-अलग शहरों और जिलों की जरूरतों के अनुसार परिवहन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसका अर्थ है कि शुरुआती चरण में चयनित शहरों में सेवाएं शुरू होने के बाद आगे अन्य क्षेत्रों को भी परिवहन नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने की योजना है।

फिलहाल सरकार ने सात शहरों में बसों के संचालन की जानकारी दी है, लेकिन किस शहर को कितनी बसें मिलेंगी और वे किन मार्गों पर चलेंगी, इसका विस्तृत विवरण अभी जारी नहीं किया गया है। रूट और शहरवार बसों की संख्या तय होने के बाद यात्रियों को सेवा के वास्तविक स्वरूप की पूरी जानकारी मिल सकेगी।

नई बस सेवाओं से उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है जो नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। शहरों के भीतर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से लोगों को कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, बाजार, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में सुविधा हो सकती है।

ई-बस सेवा के विस्तार के साथ इसके लिए जरूरी चार्जिंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। इलेक्ट्रिक बसों के नियमित संचालन के लिए चार्जिंग व्यवस्था, रखरखाव और निर्धारित रूट पर संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना आवश्यक होगा।

मध्य प्रदेश सरकार की योजना इस पहल को भविष्य में प्रदेशव्यापी परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करने की है। मुख्यमंत्री के अनुसार चरणबद्ध तरीके से हर शहर और जिले में ई-बस सहित अलग-अलग बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे छोटे और बड़े शहरों के बीच परिवहन सुविधाओं में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है।

फिलहाल भोपाल के दशहरा मैदान से 351 बसों को हरी झंडी दिखाए जाने के साथ इस पहल को आगे बढ़ाया गया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड में इन बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा। अब यात्रियों की नजर शहरवार बसों की संख्या, उनके रूट, समय-सारणी और नियमित संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी पर रहेगी।

Tags: