MP News: गर्मी का मौसम शुरू होते ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले 15 दिनों में सांवरी रेंज के आधा दर्जन से अधिक वन क्षेत्रों में आग लगने से हजारों कीमती पेड़ जलकर राख हो गए हैं। उसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी केबिन में बैठकर जंगल की सुरक्षा कर रहे हैं। मंगलवार को पश्चिम वन मंडल अंतर्गत सांवरी रेंज के प्रधान घोघरी सर्किल के बंजारी मंदिर से सटे जंगल से ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां देखते ही देखते सैकड़ों कीमती पेड़ जलकर राख हो गए। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही घंटों में हवा की तरह जंगल में सुलगती रही।
लेकिन इसके बावजूद भी कई घंटों तक आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं। जंगल में आग लगने की सूचना देने के लिए जब वन परिक्षेत्र अधिकारी कीर्ति बाला गुप्ता के मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया तो उनका नंबर स्विच ऑफ था। उसके बाद जब पश्चिम वन मंडल के डीएफओ साहिल गर्ग के मोबाइल नंबर पर जानकारी देने के लिए कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विभाग के अधिकारी अपने काम को लेकर कितने सतर्क हैं।
कागजों तक ही सीमित है फायर लाइन का काम..
गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले दिसंबर-जनवरी से वन विभाग जंगल को बचाने के लिए फायर लाइन का काम करता है। जिसका उद्देश्य जंगल को आग से बचाना और सीमित क्षेत्र में आग को बुझाना होता है। जिसके लिए सरकार हर साल लाखों का बजट स्वीकृत करती है। उसके बाद भी विभागीय अधिकारियों के ढीले रवैये के कारण यह महत्वपूर्ण काम कागजों तक ही सीमित रह गया है।