'स्टूडेंट्स की गूंज' पर विजयवर्गीय का तंज, बोले- राहुल गांधी ही काफी हैं
Indore इंदौर। मध्य प्रदेश के मंत्री Kailash Vijayvargiya ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के ‘स्टूडेंट्स की गूंज’ कार्यक्रम में गायकों को आमंत्रित किए जाने को लेकर तंज कसा है। विजयवर्गीय ने दावा किया कि गायकों को कार्यक्रम में जबरन बुलाया जा रहा है और कटाक्ष करते हुए कहा कि इसके लिए राहुल गांधी ही काफी हैं। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब कैलाश विजयवर्गीय से राहुल गांधी के ‘स्टूडेंट्स की गूंज’ कार्यक्रम और उसमें गायकों को आमंत्रित किए जाने के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उन्हें जबरन बुलाया जा रहा है। उसके लिए राहुल गांधी जी ही काफी हैं।”
विजयवर्गीय की यह टिप्पणी राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखी जा रही है। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी या प्रमाण नहीं दिया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले गायकों को कथित रूप से जबरन बुलाया जा रहा है। ऐसे में इस बात को विजयवर्गीय के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। ‘स्टूडेंट्स की गूंज’ कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं से संवाद से जुड़े आयोजन के तौर पर पेश किया जा रहा है। राहुल गांधी की भागीदारी वाले इस कार्यक्रम में गायकों को आमंत्रित किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय की टिप्पणी ने राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी है।
विजयवर्गीय अपने बयानों और राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने राहुल गांधी पर सीधे निशाना साधते हुए कार्यक्रम में कलाकारों की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़ा किया है। राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से विजयवर्गीय के इस बयान पर तत्काल किसी प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह आमंत्रित गायकों को “जबरन बुलाए जाने” के दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस आरोप को पुष्ट तथ्य के बजाय मंत्री के बयान के रूप में प्रकाशित करना उचित होगा।
मध्य प्रदेश की राजनीति में BJP और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार देखने को मिलते रहे हैं। राहुल गांधी से जुड़े कार्यक्रम पर विजयवर्गीय का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि विजयवर्गीय की टिप्पणी पर कांग्रेस या कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल उनके बयान ने ‘स्टूडेंट्स की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।