MP News : वन्यजीव संरक्षण को लेकर जिले से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भदौरा-मड़वास रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक भालू के बच्चे की मौत हो गई। यह दुखद घटना उस समय हुई जब लगभग एक वर्षीय भालू का बच्चा ट्रैक पार कर रहा था, तभी कटनी-सिंगरौली रेलवे लाइन से गुजर रही एक तेज़ रफ़्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर संजय टाइगर रिजर्व से एक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची और भालू के शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जाँच के बाद, टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना मड़वास बफर ज़ोन क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ पहले भी इसी तरह के वन्यजीवों की मौतें हो चुकी हैं।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर भालू के ट्रेन की चपेट में आने से हुई यह दूसरी घटना है। कुछ दिन पहले, इसी क्षेत्र में एक वयस्क भालू की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय पर्यावरणविदों और वन्यजीव संरक्षणवादियों का कहना है कि कटनी-सिंगरौली रेलवे लाइन का एक बड़ा हिस्सा संजय टाइगर रिजर्व के कोर और बफर ज़ोन से होकर गुजरता है, जिससे जंगली जानवरों की जान को लगातार खतरा बना रहता है। वे मांग कर रहे हैं कि इस क्षेत्र में अंडरपास या ओवरब्रिज जैसी संरचनाएँ बनाई जाएँ ताकि वन्यजीव सुरक्षित रूप से ट्रैक पार कर सकें।
एसडीओ सुधीर गुप्ता ने बताया, "मृत भालू की सूचना मिलने पर हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।"लगातार दो हफ़्तों में हुई भालुओं की मौतों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है: क्या विकास के नाम पर वन्यजीव सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है? अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो यह समस्या और भी बदतर हो सकती है।