रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम जबलपुर में खुलेगा अत्याधुनिक टैंक प्लांट
टैंक प्लांट की नींव जबलपुर बनेगा रक्षा हब
जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। अब यहां सिर्फ सैन्य वाहनों का निर्माण ही नहीं बल्कि युद्धक टैंकों की आधुनिक ओवरहालिंग और उन्नयन का काम भी होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज वाहन निर्माणी जबलपुर (VFJ) में टी-72 टैंक ओवरहाल परियोजना के लिए आधुनिक प्लांट की नींव रखेंगे।
करीब 450 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत जबलपुर में ऐसा अत्याधुनिक संयंत्र तैयार किया जाएगा, जहां भारतीय सेना के टी-72 टैंकों की मरम्मत, तकनीकी सुधार और उन्हें दोबारा युद्ध के लिए तैयार करने का काम किया जाएगा। आने वाले समय में टी-90 टैंकों की ओवरहालिंग की दिशा में भी काम बढ़ाने की योजना है।
रक्षा आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती
यह परियोजना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अभी तक टैंकों के ओवरहाल का बड़ा काम कुछ चुनिंदा रक्षा इकाइयों तक सीमित था, लेकिन जबलपुर में नई सुविधा शुरू होने से सेना के बख्तरबंद बेड़े को तेजी से तैयार करने में मदद मिलेगी। नई तकनीक से लैस इस प्लांट में टैंकों की क्षमता बढ़ाने, पुराने सिस्टम को अपग्रेड करने और उनकी परिचालन अवधि बढ़ाने का काम किया जाएगा।
युद्धक अवतार में लौटेंगे टैंक
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पुराने युद्धक टैंकों को आधुनिक तकनीक के साथ नया रूप दिया जा सकेगा। मरम्मत और अपग्रेड के बाद ये टैंक पहले से ज्यादा प्रभावी और मजबूत बनेंगे। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के बदलते स्वरूप में सैन्य उपकरणों की तेज उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में देश के अंदर ही टैंकों के रखरखाव और उन्नयन की सुविधा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
जबलपुर बनेगा रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र
वाहन निर्माणी जबलपुर पहले से ही सेना, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए कई तरह के सैन्य वाहनों का निर्माण करती रही है। नई परियोजना के बाद जबलपुर की पहचान रक्षा उत्पादन और सैन्य तकनीक के क्षेत्र में और मजबूत होगी। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शिलान्यास के साथ शुरू होने वाली यह परियोजना आने वाले वर्षों में भारतीय सेना की बख्तरबंद ताकत को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।