Madhya Pradesh :देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड सिंडिकेट बेनकाब

Update: 2026-02-10 01:04 GMT
Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। एमपी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच में एक ऐसे विशाल साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सिर्फ साल 2025 में ही राज्य के करीब 64 हजार लोगों से 638 करोड़ रुपये की ठगी की।
जांच में सामने आया है कि यह रकम 17 राज्यों में फैले 2 लाख 93 हजार बैंक खातों के जरिए घुमाई गई। ये खाते ज्यादातर म्यूल अकाउंट्स (दूसरों के नाम पर खुले खाते) थे, जिन्हें ठगी के पैसों को छिपाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया गया। फिलहाल सभी संदिग्ध खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
भोपाल–इंदौर–ग्वालियर बने साइबर ठगों के हब
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस अंतरराज्यीय साइबर गैंग के मुख्य ऑपरेशन सेंटर भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सक्रिय थे। सबसे ज्यादा बैंक खाते इंदौर से जुड़े पाए गए, जहां से रकम कई लेयर में ट्रांसफर की जाती थी, ताकि ट्रांजेक्शन को ट्रेस करना मुश्किल हो जाए। जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की रकम को 1 से लेकर 10 अलग-अलग लेयर में घुमाया जाता था, जिससे असली अपराधी तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण बन जाता था।
ऐसे फंसाते थे लोगों को जाल में
साइबर ठग बेहद सुनियोजित तरीके से खासकर ग्रामीण इलाकों, मजदूरों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बना रहे थे। ठगी के प्रमुख तरीके इस तरह थे—
खुद को NIA, CBI या पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करना
डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाना
टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे झूठे आरोप लगाना
वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी, गाड़ी और फर्जी दस्तावेज दिखाना
संदिग्ध लिंक, QR कोड और UPI ट्रांजेक्शन से पैसे ऐंठना
डिजिटल अरेस्ट का
खौफनाक मामला
भोपाल के छोला इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय मजदूर राजकुमार इस गिरोह का शिकार बने। ठगों ने खुद को NIA अधिकारी बताकर उन्हें तीन दिन तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा। वीडियो कॉल पर पुलिस की स्कॉर्पियो दिखाकर एनकाउंटर की धमकी दी गई और करीब डेढ़ लाख रुपये उनसे ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने संबंधित खातों को होल्ड कराया, जिससे रकम आगे नहीं जा सकी।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, समय पर शिकायत करें
एमपी पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए खास अपील की है। अनजान नंबरों से आए कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, किसी भी संदिग्ध लिंक या QR कोड पर क्लिक न करें। खाते में गड़बड़ ट्रांजेक्शन दिखते ही 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करें।
E-Zero FIR व्यवस्था से अब शुरुआती समय में पैसा रोकना संभव है
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ राज्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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