Vidisha. विदिशा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि गांवों में रहने वाले भाई-बहनों को खेती के साथ-साथ आय के अन्य साधनों से भी जोड़ा जाना जरूरी है। आधुनिक कृषि के साथ पशुपालन और दूसरी सहायक गतिविधियां ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। विदिशा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "एक नया प्रारंभ हुआ है। हमारे ग्रामीण क्षेत्र में भी भाई-बहन आजीविका के क्षेत्रों से जुड़ें। आधुनिक कृषि के साथ अलग गतिविधियां, पशुपालन जैसे काम शुरू करने पर जोर दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान सरकार की उस नीति के अनुरूप है, जिसमें किसानों की आय को केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित न रखते हुए कृषि से जुड़े दूसरे व्यवसायों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले भी शिवराज सिंह चौहान एकीकृत कृषि प्रणाली के तहत पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन और अन्य गतिविधियों को खेती से जोड़ने की बात कह चुके हैं। अप्रैल 2026 में मध्य प्रदेश के विदिशा समेत चार जिलों के लिए जारी कृषि रोडमैप में भी फसल विविधीकरण और सहायक कृषि गतिविधियों के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि गांवों के विकास के लिए ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना होगा, जिनसे स्थानीय स्तर पर लोगों को नियमित आजीविका मिल सके। पशुपालन ऐसा ही एक क्षेत्र है, जिसे खेती के साथ अपनाकर किसान अतिरिक्त आय का साधन तैयार कर सकते हैं।
केंद्र सरकार कृषि में नई तकनीक, वैज्ञानिक तरीकों और विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से भी किसानों तक आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सलाह पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। विदिशा जिले में नया कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाने की घोषणा भी की गई थी। केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए खेती के साथ वैकल्पिक आजीविका के साधनों का विस्तार जरूरी है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय के स्रोत बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है।