Nadiya नादिया। पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्वाचन आयोग को दिए गए निर्देशों पर भाजपा नेता जगन्नाथ सरकार ने कहा कि सच सुनिश्चित करना और यहां के नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना चुनाव आयोग का काम है। नादिया में भाजपा नेता जगन्नाथ सरकार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट को शुद्ध करने का काम कर रही है और यह उनका काम है। जो लोग मृत हैं या फिर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को जो निर्देश दिए हैं, वे भी सही हैं।
जगन्नाथ सरकार ने बिहार में हुए एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी विपक्ष ने एसआईआर को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। दावा किया जाने लगा कि जीवित व्यक्ति के वोट काटे गए, लेकिन हकीकत सब जानते हैं। आयोग के पास एक वोटर नहीं पहुंचा कि उसका वोट कट गया। विधानसभा चुनाव शुद्ध वोटर लिस्ट के आधार पर हुए और एनडीए ने भारी बहुमत से चुनाव जीता। यही हाल बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी का होने जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक घुसपैठियों के वोट से जीतने वाली टीएमसी का खेल आगामी विधानसभा चुनाव में खत्म होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की ओर से बांग्लादेशी मुस्लिमों को यहां का नागरिक बताकर वोटर लिस्ट में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें कि एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ‘सुप्रीम थप्पड़’ पड़ गया है, और यह बहुत चुभ रहा है। जो लोग बंगाल को नीचा दिखाने आए थे, अब उनका चेहरा शर्म से लाल हो गया है। जिन लोगों ने 10 करोड़ लोगों को डराने की कोशिश की थी, आज वे खुद डर के मारे कांप रहे हैं। जिन लोगों ने हमारे वोट देने के संवैधानिक अधिकार पर सवाल उठाने की हिम्मत की थी, अब उन्हीं से उनके क्रूर और अमानवीय तरीकों के लिए पूछताछ की जा रही है।
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