मध्य प्रदेश : सागर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मौतों का मामला सामने आया है। जिले के बंडा क्षेत्र में हुई इस घटना में अब तक 12 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग बीमार बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह घटना सागर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बंडा तहसील क्षेत्र के बाराज, घूघर और नवराज गांवों के आसपास की बताई जा रही है। बताया गया कि शनिवार रात कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था, जिसके बाद रविवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, शराब पीने के कुछ समय बाद ग्रामीणों को तेज सिरदर्द, उल्टी और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां होने लगीं।

शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य बीमारी हो सकती है, लेकिन जब एक के बाद एक कई लोगों की हालत बिगड़ने लगी तो गांव में चिंता बढ़ गई।

परिजनों ने गंभीर हालत में लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

अस्पतालों में कराया गया भर्ती

बीमार लोगों को इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज शुरू किया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण कुछ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

मृतकों की संख्या बढ़कर 12 पहुंचने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय हो गया।

नकली शराब की आशंका

प्रारंभिक तौर पर इस घटना को नकली या जहरीली शराब से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

प्रशासन की ओर से शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जाने और मामले की पड़ताल किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गांवों में पसरा मातम

घटना के बाद प्रभावित गांवों में मातम का माहौल है। जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया है, उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुई मौतों से पूरा क्षेत्र सदमे में है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से आई, किसने सप्लाई की और इसे पीने के बाद इतनी बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत कैसे बिगड़ी।

अवैध शराब के नेटवर्क पर नजर

ऐसी घटनाओं के बाद अक्सर अवैध शराब के कारोबार पर सवाल उठते हैं। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि इलाके में कहीं अवैध रूप से शराब की बिक्री तो नहीं हो रही थी।

दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

परिवारों ने उठाए सवाल

मृतकों के परिवारों और ग्रामीणों ने इस घटना के बाद नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर अवैध शराब की बिक्री पर पहले से रोक लगाई जाती तो इतनी बड़ी घटना को टाला जा सकता था।

ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी स्थिति

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बीमार लोगों का इलाज और घटना के कारणों का पता लगाना है।

शराब के सैंपल और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतें किस वजह से हुईं।

सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के खतरे को सामने ला दिया है। प्रशासन अब मामले की जांच में जुटा है और लोगों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं।

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