मध्य प्रदेश : छिंदवाड़ा जिले के पश्चिमी वन क्षेत्र में एक जंगली हाथी के पहुंचने से वन विभाग सतर्क हो गया है। महाराष्ट्र से आया यह हाथी अचानक क्षेत्र में पहुंचा, जिससे स्थानीय वन अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई।

वन विभाग के अनुसार, यह हाथी पहली बार मार्च महीने में महाराष्ट्र से निकलकर बालाघाट क्षेत्र में पहुंचा था। इसके बाद 2 और 3 सितंबर को इसे छिंदवाड़ा जिले के पश्चिमी इलाके में देखा गया। हाथी की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।

हाथी की गतिविधियों पर रखी जा रही नजर

वन अधिकारियों के मुताबिक, हाथी फिलहाल पश्चिमी छिंदवाड़ा वन क्षेत्र में घूम रहा है। विभाग की टीमें लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

चूंकि यह हाथी जंगली और युवा है, इसलिए उसके व्यवहार को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे हाथी कभी-कभी अचानक आक्रामक हो सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंग

स्थानीय वन अधिकारियों को हाथियों की निगरानी और प्रबंधन का ज्यादा अनुभव नहीं होने के कारण सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ अधिकारियों की मदद ली गई।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने छिंदवाड़ा वन विभाग की टीम को हाथी की गतिविधियों को समझने, उसके व्यवहार की पहचान करने और सुरक्षा उपायों को लेकर बुनियादी प्रशिक्षण दिया।

वनकर्मियों को बताया गया कि हाथी के आसपास किस तरह काम करना है और किन बातों से बचना है।

गांवों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

वन विभाग ने हाथी के संभावित क्षेत्र में आने वाले गांवों में लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, हाथी के घूमने वाले क्षेत्र के करीब 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

लोगों को बताया जा रहा है कि वे हाथी के करीब न जाएं, उसे परेशान न करें और किसी भी तरह की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।

ग्रामीणों को दी जा रही सुरक्षा सलाह

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि यदि हाथी दिखाई दे तो भीड़ न लगाएं और उससे दूरी बनाए रखें।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथी जैसे बड़े वन्यजीवों के साथ अचानक सामना होने पर खतरा बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।

वन विभाग की टीम कर रही निगरानी

हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीमें क्षेत्र में तैनात हैं। कर्मचारी उसके आने-जाने के रास्तों और व्यवहार को रिकॉर्ड कर रहे हैं।

अधिकारियों का उद्देश्य हाथी को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक क्षेत्र की ओर भेजना है।

वन्यजीव प्रबंधन बनी चुनौती

मध्य प्रदेश के कई वन क्षेत्रों में अब दूसरे राज्यों से वन्यजीवों के आने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में वन विभाग के लिए इनका प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन रहा है।

हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष रणनीति और प्रशिक्षण की जरूरत होती है, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

लोगों से सहयोग की अपील

वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और वन अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों का सहयोग मिलने से हाथी को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

फिलहाल महाराष्ट्र से आए इस हाथी की निगरानी जारी है। वन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

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