Bhopal हनी-ट्रैप केस में जांच तेज, एक और महिला हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भोपाल में सामने आए कथित हनी-ट्रैप मामले की जांच में पुलिस ने एक और अहम कदम उठाया है। पहले से पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब क्राइम ब्रांच ने रेशू उर्फ अभिलाषा नाम की एक और महिला को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि उसे फिलहाल जानकारी जुटाने और पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, रेशू का नाम मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन के सहयोगियों में सामने आया था। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने उसे पूछताछ के दायरे में लिया है। हालांकि अभी तक उसका नाम औपचारिक रूप से एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि मामले की कड़ियां जोड़ने में वह अहम भूमिका निभा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, रेशू मूल रूप से सागर जिले की रहने वाली है और उससे गोपनीय तरीके से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाया जा सके। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई स्तरों पर जुड़ाव सामने आ रहा है, जिसके कारण जांच को और विस्तृत किया जा रहा है।
पुलिस ने यह भी बताया कि श्वेता विजय जैन, जिसे पहले भी 2019 के हनी-ट्रैप मामले में संदिग्ध माना गया था, अब एक बार फिर जांच के घेरे में है। उसके साथ अलका दीक्षित और रेशू के कथित तौर पर एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम करने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अलका दीक्षित के खिलाफ पहले से एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
इसी बीच पुलिस ने 28 अप्रैल की रात हुई एक घटना का भी जिक्र किया है, जिसमें सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में दीक्षित, उसके बेटे जयदीप और लखन चौधरी पर चिंटू ठाकुर को रोकने और उससे जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप सामने आए हैं।
फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सभी आरोपियों के संपर्कों, कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।