Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : आज जरूरत है भारत की मूल व्यवस्थाओं का अध्ययन करने और समसामयिक चिंतन विकसित करने की। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो हमें सनातन के आधुनिक आविष्कार नहीं मिल पाएंगे। सनातन और आधुनिकता के बीच समन्वय की जिम्मेदारी हमेशा से युवा पीढ़ी पर रही है। आज भी यह जिम्मेदारी युवाओं पर है। भारत का युवा वर्ग सनातन के प्रति संवेदनशील है।'' यह विचार ऑर्गनाइजर पत्रिका के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने शनिवार को आनंद मोहन माथुर सभागार में डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम 'चिंतन यज्ञ' में व्यक्त किए।

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