इंदौर। लगभग चार दशक बाद इंजीनियरिंग के पुराने दोस्तों का मिलन केवल यादों को ताजा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस मुलाकात ने एक नई सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प भी जन्म दिया। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर के 1982 से 1985 बैच के पूर्व छात्रों ने फ्रेंडशिप डे के अवसर पर इंदौर में मुलाकात की और अपने अनुभवों व ज्ञान का उपयोग समाज कल्याण तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों में करने का निर्णय लिया।
इस विशेष मिलन में शामिल पूर्व छात्रों ने अपने कॉलेज के दिनों को याद किया और पुरानी यादों को साझा किया। हॉस्टल की जिंदगी, क्लासरूम के अनुभव, दोस्तों के साथ बिताए गए पल और युवावस्था के संघर्षों की बातें करते हुए ऐसा लगा जैसे बीते हुए 40 साल कुछ समय के लिए थम गए हों।
पूर्व छात्रों ने बताया कि कॉलेज के दिनों में बनी दोस्ती समय के साथ और मजबूत होती गई। भले ही सभी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यस्त हो गए और जीवन के अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़े, लेकिन आपसी जुड़ाव और पुराने रिश्तों की गर्माहट हमेशा बनी रही।
इस मिलन समारोह में कई ऐसे पूर्व छात्र शामिल हुए, जिन्होंने सरकारी सेवा, तकनीकी क्षेत्र, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लंबे करियर के बाद अब अधिकांश लोग अपने अनुभवों और ज्ञान को समाज के हित में लगाने के लिए तैयार हैं।
बैठक के दौरान पूर्व छात्रों ने चर्चा की कि पिछले चार दशकों में उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में जो अनुभव हासिल किए हैं, उनका उपयोग अब युवाओं के मार्गदर्शन, शिक्षा, तकनीकी विकास और सामाजिक कार्यों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने माना कि समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और अब अपनी क्षमता के अनुसार समाज को वापस देने का समय है।
पूर्व छात्रों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि सामूहिक रूप से ऐसे कार्य करना चाहते हैं जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल सके। इसके लिए उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी सलाह और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे क्षेत्रों में योगदान देने की इच्छा जताई।
मुलाकात के दौरान कॉलेज के दिनों की कई यादें साझा की गईं। दोस्तों ने पुराने किस्सों को याद करते हुए हंसी-मजाक किया और उन दिनों की सादगी और संघर्षों को याद किया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उस दौर की पढ़ाई और अनुशासन ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार दिया।
पूर्व छात्रों का कहना है कि इंजीनियरिंग शिक्षा ने उन्हें केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि समस्या समाधान, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित की। अब वे इन्हीं मूल्यों को समाज के लिए उपयोगी बनाना चाहते हैं।
फ्रेंडशिप डे के मौके पर हुई यह बैठक केवल एक भावनात्मक पुनर्मिलन नहीं थी, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर विचार करने का अवसर भी बनी। सभी सदस्यों ने नियमित रूप से संपर्क बनाए रखने और सामाजिक कार्यों के लिए एक साझा मंच तैयार करने की बात कही।
पूर्व छात्रों ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर उनके पास अनुभव की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने अपने अनुभवों का उपयोग नई पीढ़ी के छात्रों और युवाओं को सही दिशा देने में करने का संकल्प लिया। उनका मानना है कि अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
समूह के सदस्यों ने यह भी कहा कि देश के विकास में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोग अपने ज्ञान के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस पुनर्मिलन ने यह संदेश दिया कि पुराने रिश्ते केवल यादों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज के लिए नए प्रयासों की प्रेरणा भी बन सकते हैं। चार दशक बाद मिले इन इंजीनियरिंग साथियों ने साबित किया कि दोस्ती की ताकत और अनुभव का सही इस्तेमाल समाज के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर के इन पूर्व छात्रों का यह प्रयास उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने अनुभव और क्षमता का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह समूह शिक्षा, तकनीक और सामाजिक विकास के क्षेत्र में कई पहल शुरू कर सकता है।