Bhind: हाइवे पर रफ्तार बनी जानलेवा, हजारों परिवारों ने खोए अपनों को

Update: 2026-03-04 15:24 GMT

भिंड: नेशनल हाईवे 719 और 552 पर तेज गति सडक़ हादसों की वजह बन रही है। अकेले शहर के बायपास रोड पर ही एक माह में पांच लोग मौत के गाल में समा गए हैं। इन सभी हादसों के पीछे वाहनों की अनियंत्रित गति और चालकों की लापरवाही सामने आई है। हाइवे पर भले ही वाहनों की गति निर्धारित हो लेकिन चालक बेलगाम वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। यातायात विभाग के पास इकलौता स्पीडोमीटर है उसका भी उपयोग नहीं किया जा रहा है।

बता दें भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर कार की अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित है। एमपीआरडीसी ने इसको लेकर बोर्ड भी लगाए है, लेकिन हाईवे पर कार 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भी अधिक दौड़ती हैं। ट्रक, डंपर और हैवी वाहनों की स्पीड 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है वह भी इससे अधिक दौड़ते हैं जो कि हादसे का कारण बनते हैं। इसी तरह भिण्ड-भांडेर रोड पर बड़े वाहनों की स्पीड 50 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, मगर वाहन 70 से 80 किमी प्रति घंटा तक फर्राटे भरते हैं। कार की स्पीड 80 किमी है, वह भी नियंत्रित गति से अधिक तेज दौड़ती हैं।

इस तरह चेक करते हैं स्पीड

जिस वाहन की स्पीड चेक करनी होती है, उसके लिए पांच सौ मीटर की रैंज में टारगेट निर्धारित करके गाड़ी को लॉक किया जाता है। वाहन की पूरी जानकारी मशीन में लगे कैमरा में फीड हो जाती है। उसकी स्पीड और फोटो स्पीडो मीटर में पहुंच जाती है। निर्धारित गति से अधिक स्पीड में वाहन चलाने पर तीन हजार रुपए का जुर्माना का प्रावधान है।

एक साल में 347 चालान

पिछले एक साल में यातायात पुलिस ने दोनों हाईवे पर 347 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की है। यातायात पुलिस की मानें तो स्पीडोमीटर में वाहन का टारगेट तय करने में समस्या आती है। जिले में स्पीडोमीटर लावन मोड़, डिड़ी, दीनपुरा, लहार रोड पर मानपुरा के पास लगाया जाता है। वहीं सबसे बड़ी समस्या यह है कि बायपास रोड पर स्पीडोमीटर काम नहीं करता है। क्योंकि वाहनों की स्पीड के लिए 500 मीटर का सीधा मार्ग होना चाहिए। बायपास पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण स्पीड चेक करने के लिए जब वाहन का टारगेट फिक्स किया जाता है तो पीछे से दूसरा वाहन क्रॉस करने पर संबंधित वाहन की स्पीड कैमरे में लॉक नहीं हो पाती है।

साल हादसे मृतक घायल

2019 699 172 724

2020 656 160 700

2021 645 209 669

2022 714 198 803

2023 639 197 784

2024 687 219 754

2025 671 242 721

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