MP चंबल स्टीमर कांड में कार्रवाई तेज पांच लोगों पर FIR दर्ज
चंबल में स्टीमर बहने के मामले में प्रशासन सख्त
मुरैना: मध्य प्रदेश के चंबल नदी में यात्रियों से भरे स्टीमर के बहने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, चंबल नदी में एक स्टीमर यात्रियों को लेकर जा रहा था, जिसमें करीब 64 लोग सवार थे। अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद स्टीमर नदी की तेज धार में बहने लगा। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बताया जा रहा है कि स्टीमर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजामों में कमी को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने स्टीमर संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।
घटना के समय नदी में पानी का बहाव तेज था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी। स्टीमर के बहने के बाद यात्रियों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान चलाया गया।
चंबल नदी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग धार्मिक और अन्य यात्राओं के लिए नाव और स्टीमर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी माना जाता है। घटना के बाद प्रशासन ने नदी परिवहन से जुड़े सभी संचालकों की जांच कराने के संकेत दिए हैं।
इस मामले में पुलिस यह भी पता लगा रही है कि स्टीमर की क्षमता कितनी थी, उसमें कितने यात्रियों को बैठाने की अनुमति थी और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
घटना ने नदी परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की संख्या, स्टीमर की तकनीकी स्थिति और लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और प्रशासन पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।