इंदौर। सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनियों के विकास और कब्जों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने बिचोली और कनाडिया क्षेत्र में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर करीब 5.50 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि को मुक्त कराया।
यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई। जिला प्रशासन की ओर से लगातार सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की पहचान कर उन्हें हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण और कॉलोनी विकसित करने की कोशिशों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को की गई कार्रवाई का पहला अभियान खेमाना और चौहानखेड़ी गांवों की सीमा क्षेत्र में चलाया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व कनाडिया के सब-डिविजनल ऑफिसर (राजस्व) दीपक चौहान ने किया। राजस्व विभाग की टीम और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया।
प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के दौरान जीवन गोयल द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए कथित अवैध कब्जे को हटाया गया। कार्रवाई के बाद करीब 0.549 हेक्टेयर सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी जमीन को खाली कराने के बाद उसे प्रशासन के रिकॉर्ड में सुरक्षित किया गया है। इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी संपत्ति को अवैध कब्जों से बचाना और भविष्य में होने वाले अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाना है।
इसके अलावा बिचोली क्षेत्र में भी प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की। यहां से भी सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। दोनों क्षेत्रों में हुई कार्रवाई को मिलाकर करीब 5.50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ली।
जिला प्रशासन का कहना है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अवैध कॉलोनियों के कारण न केवल सरकारी भूमि का नुकसान होता है, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और विकास योजनाओं को लागू करने में भी परेशानी आती है। इसलिए समय-समय पर ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
राजस्व विभाग की टीम सरकारी रिकॉर्ड और मौके की जांच के आधार पर अवैध कब्जों की पहचान करती है। इसके बाद नियमों के अनुसार नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाती है। शुक्रवार की कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया के तहत की गई।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या खरीद-फरोख्त न करें, क्योंकि ऐसी संपत्तियों पर बाद में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश के बाद जिले में सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की टीम लगातार ऐसे स्थानों की जांच कर रही है, जहां अवैध कब्जे या निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं।
शुक्रवार की कार्रवाई को प्रशासन की ओर से अवैध गतिविधियों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई से जहां करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया, वहीं अवैध कॉलोनियों के विकास पर भी रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।