इंदौर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बुधवार को परदेशीपुरा स्थित आस्था ओल्ड एज होम में भावनाओं से भरा माहौल देखने को मिला। यहां रहने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मिलकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। कार्यक्रम के दौरान अपनापन, खुशी और भावनाओं के कई खूबसूरत पल देखने को मिले।
यह विशेष आयोजन ‘आओ बनाएं रक्षाबंधन अपनों के संग’ पहल के तहत किया गया था। इसका उद्देश्य उन बुजुर्गों और दिव्यांगों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करना था, जो कई बार परिवार से दूर रहकर जीवन बिताते हैं। कार्यक्रम में पहुंचने वाले मेहमानों का स्वागत वहां रहने वाले लोगों ने बेहद आत्मीय अंदाज में किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में आस्था ओल्ड एज होम में रहने वाले लोगों ने आए हुए अतिथियों की कलाई पर पारंपरिक राखी बांधी। राखी बांधते समय कई बुजुर्गों की आंखों में खुशी और भावनाओं की झलक दिखाई दी। उन्होंने मेहमानों को अपना परिवार मानते हुए त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। उन्होंने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनकी भावनाओं को समझा। कार्यक्रम का माहौल उस समय और खुशनुमा हो गया, जब कैलाश विजयवर्गीय ने अंताक्षरी का खेल शुरू किया।
अंताक्षरी के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कई सदाबहार गीत गाए। उनके गीतों ने वहां मौजूद बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। देखते ही देखते कार्यक्रम का माहौल उत्सव जैसा बन गया। बुजुर्गों और अधिकारियों ने भी गीतों में उनका साथ दिया और कुछ लोगों ने नृत्य कर अपनी खुशी जाहिर की।
कई बुजुर्गों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से उन्हें परिवार जैसा एहसास होता है। त्योहारों के मौके पर जब लोग उनके बीच आकर समय बिताते हैं तो अकेलेपन की भावना कम होती है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में अपनापन और संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के साथ बातचीत करते हुए उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं और उनका सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। त्योहार केवल परंपरा नहीं बल्कि रिश्तों और भावनाओं को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी बुजुर्गों के साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार हमें यह संदेश देते हैं कि समाज में हर व्यक्ति को सम्मान और अपनापन मिलना चाहिए।
आस्था ओल्ड एज होम में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की खुशियां केवल परिवार तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि जरूरतमंद और अकेले रह रहे लोगों के साथ बांटने से उनका महत्व और बढ़ जाता है।
आयोजन के दौरान बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सभी ने मिलकर भोजन किया, बातचीत की और पुराने गीतों के साथ यादगार पल बिताए। पूरे कार्यक्रम में खुशी और भावनात्मक जुड़ाव का माहौल बना रहा।
‘आओ बनाएं रक्षाबंधन अपनों के संग’ पहल के जरिए समाज के उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया गया, जिन्हें त्योहारों के दौरान परिवार की कमी महसूस होती है। इस पहल ने यह साबित किया कि प्यार, सम्मान और अपनापन किसी भी रिश्ते को खास बना सकता है।
आस्था ओल्ड एज होम में मनाया गया यह रक्षाबंधन कार्यक्रम लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। बुजुर्गों की मुस्कान और उनके साथ बिताए गए समय ने इस आयोजन को खास बना दिया।