Shahdol शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक पटवारी पर रिश्वत मांगने और महिला फरियादी से अश्लील बातचीत करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी आशीष सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, जिले के एक गांव की रहने वाली युवती ने अपनी जमीन से जुड़े काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तत्कालीन पटवारी आशीष सोनकर से संपर्क किया था। आरोप है कि पटवारी ने सरकारी काम पूरा करने के बदले युवती से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़िता के अनुसार, उसने 15 हजार रुपये नगद भी दे दिए थे, लेकिन इसके बाद भी उसका काम पूरा नहीं किया गया।
जब युवती ने अपने काम और दिए गए पैसों को लेकर पटवारी से जानकारी मांगी तो उसका व्यवहार बदल गया। आरोप है कि इसके बाद पटवारी पिछले करीब छह महीने से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से युवती से आपत्तिजनक बातचीत करने लगा। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, पटवारी ने सरकारी काम के बहाने उसे अकेले में होटल मिलने के लिए दबाव बनाया। दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। चैट में युवती द्वारा होटल में मिलने को लेकर सवाल पूछे जाने पर पटवारी की ओर से आपत्तिजनक जवाब दिए जाने का आरोप है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जांच कराई। शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शहडोल कलेक्टर ने आरोपी पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा पद का दुरुपयोग और आम लोगों से अनुचित व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि मामले की आगे जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस घटना के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में काम कराने आने वाले नागरिकों को परेशान करने या उनसे अवैध मांग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की मांग की है। वहीं जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहडोल में सामने आया यह मामला सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और कर्मचारियों के आचरण को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब आगे की जांच और रिपोर्ट का इंतजार है।