Ujjain उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रक्षाबंधन पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन का शुभारंभ बाबा महाकाल को पहली राखी अर्पित करने के साथ होगा। इस विशेष अवसर के लिए पुजारी परिवार की महिलाओं ने भगवान महाकाल के लिए एक अनोखी और भव्य राखी तैयार की है। बताया जा रहा है कि इस बार बाबा महाकाल को अर्पित की जाने वाली राखी करीब डेढ़ से दो फीट लंबी है। इस विशेष राखी को आकर्षक बनाने के लिए इसमें मोर पंख, मिरर वर्क, त्रिपुंड, भगवान शिव की आंखें और पवित्र ‘ॐ’ के चिन्ह को शामिल किया गया है। राखी को पूरी श्रद्धा और धार्मिक भावनाओं के साथ तैयार किया गया है।
महाकाल मंदिर में रक्षाबंधन का पर्व विशेष परंपराओं के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी बांधने के बाद ही अन्य स्थानों पर रक्षाबंधन की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। पुजारी परिवार की महिलाओं ने कई दिनों की मेहनत के बाद इस खास राखी को तैयार किया है। राखी में भगवान शिव से जुड़े प्रतीकों को शामिल किया गया है, जो इसे धार्मिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। मोर पंख जहां सुंदरता और शुभता का प्रतीक माना जाता है, वहीं त्रिपुंड और ॐ भगवान शिव की आराधना से जुड़े पवित्र चिन्ह हैं।
रक्षाबंधन के दिन बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस विशेष आयोजन का लाभ मिलेगा। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा महाकाल के दर्शन कर रक्षाबंधन पर्व मनाते हैं। महाकालेश्वर मंदिर की परंपराओं में त्योहारों का विशेष महत्व रहा है। यहां हर पर्व धार्मिक विधि-विधान और प्राचीन परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर भगवान शिव को राखी अर्पित करने की परंपरा भक्तों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
मंदिर प्रशासन की ओर से भी पर्व को लेकर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा में किसी तरह की परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इस बार बाबा महाकाल के लिए तैयार की गई विशेष राखी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भक्तों का मानना है कि भगवान महाकाल को राखी अर्पित करने से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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