इंदौर। मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को छात्र राजनीति और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों और सकारात्मक मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों के मुद्दों के नाम पर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में आयोजित एक विकास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और DUSU चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा काफी मजबूत है और छात्र राजनीति में भी लोकतंत्र की भावना का पालन किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, छात्र संगठनों को शिक्षा, रोजगार, सुविधाओं और विद्यार्थियों से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर काम करना चाहिए।
विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन छात्रों की समस्याओं को उठाने के नाम पर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति का उद्देश्य नेतृत्व क्षमता विकसित करना और युवाओं को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाना होना चाहिए।
DUSU चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन नतीजों का विश्लेषण करना चाहिए और छात्रों के संदेश को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और राजनीतिक दलों को उनसे सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही युवाओं में नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है। इसलिए विश्वविद्यालयों में स्वस्थ और सकारात्मक राजनीतिक वातावरण होना जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था लंबे समय से मजबूत रही है और हर स्तर पर जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्र राजनीति को भी इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं होते, बल्कि यहां से भविष्य के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी तैयार होते हैं। ऐसे में छात्रों के बीच संवाद और विचारों का आदान-प्रदान जरूरी है।
विजयवर्गीय ने युवाओं से अपील की कि वे रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और समाज व देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकास कार्यों और युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवा शक्ति की भूमिका अहम है और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
वहीं, DUSU चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। छात्र संघ चुनावों को विश्वविद्यालयों में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
DUSU चुनावों के नतीजों के बाद विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने नजरिए से परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं। इसी क्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए आत्ममंथन की बात कही।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता और मतदाताओं का फैसला महत्वपूर्ण होता है। राजनीतिक संगठनों को समय-समय पर अपनी रणनीति और कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए।
फिलहाल कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद छात्र राजनीति और DUSU चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आना बाकी है।