बेलगाम। कर्नाटक के बेलगाम जिले के खानापुर तालुका में एक मंदिर में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। शनिवार को निदगल गांव के बाहरी इलाके में स्थित सिद्धनगर के सिद्धगुंडा मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने कथित तौर पर मंदिर परिसर में मौजूद धार्मिक प्रतीकों और संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। खानापुर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर में पहुंचे लोगों ने शिवलिंग, नंदी की मूर्ति, तुलसी और अन्य धार्मिक अवशेषों को क्षतिग्रस्त पाया। घटना का पता रविवार को उस समय चला, जब श्रावण महीने की शुरुआत के अवसर पर श्रद्धालु और ग्रामीण मंदिर परिसर की सफाई के लिए पहुंचे थे।
पहाड़ी पर स्थित है मंदिर
सिद्धगुंडा मंदिर निदगल गांव से करीब दो किलोमीटर पश्चिम दिशा में एक पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ग्रामीण यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
बताया गया कि शनिवार को कुछ उपद्रवी मंदिर परिसर में दाखिल हुए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने मंदिर के भीतर पैसे या किसी कीमती सामान की तलाश की। हालांकि, उन्हें वहां कोई मूल्यवान वस्तु नहीं मिली।
इसके बाद आरोपी कथित तौर पर मंदिर से चले गए, लेकिन जाते समय उन्होंने मंदिर में मौजूद धार्मिक प्रतीकों और अवशेषों को नुकसान पहुंचाया।
शिवलिंग और नंदी को भी नुकसान
घटना के बाद मंदिर परिसर में शिवलिंग और नंदी की मूर्ति समेत कई धार्मिक प्रतीक क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले। तुलसी से जुड़ी धार्मिक संरचना को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के लिए यह घटना विशेष रूप से आहत करने वाली है, क्योंकि मंदिर स्थानीय धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़ा हुआ है। मंदिर में तोड़फोड़ की जानकारी फैलते ही आसपास के लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
श्रावण महीने की शुरुआत के मौके पर बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचने वाले थे। इसी सिलसिले में रविवार को श्रद्धालु मंदिर परिसर की साफ-सफाई करने पहुंचे, जहां उन्हें तोड़फोड़ के निशान दिखाई दिए।
ऐतिहासिक श्री सिद्धेश्वर मंदिर में भी नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, ऐतिहासिक श्री सिद्धेश्वर मंदिर में भी उपद्रवियों ने मंदिर परिसर के भीतर कई धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया। यहां शिवलिंग, नंदी की मूर्ति, कछुए और वृंदावन को क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एक ही क्षेत्र में धार्मिक स्थलों से जुड़े प्रतीकों को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर से स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद खानापुर पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले लोग कौन थे और उनका उद्देश्य क्या था। पुलिस घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मंदिर में प्रवेश करने वाले लोग किस समय पहुंचे और कितनी देर तक परिसर में रहे। आसपास के इलाके में उपलब्ध जानकारी और संभावित साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ग्रामीणों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की
स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द तलाशने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण वहां नियमित निगरानी की व्यवस्था सीमित है। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
श्रावण की शुरुआत पर सामने आई घटना
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब श्रावण महीने की शुरुआत के अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। रविवार को भक्त मंदिर परिसर की सफाई और पूजा की तैयारी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें मंदिर में तोड़फोड़ का पता चला।
मंदिर परिसर में धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाए जाने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कितने लोग शामिल थे। पुलिस फिलहाल उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ घटना के दोषियों तक पहुंचना और दूसरी तरफ क्षेत्र में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
फिलहाल बेलगाम के खानापुर तालुका में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। पुलिस की जांच और संभावित कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी और मंदिरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।