
बेंगलुरु। शहर में खाली प्लॉट को कचरे और मलबे का अड्डा बनाने वाले मालिकों के खिलाफ ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने सख्त रुख अपनाया है। चेतावनी के बावजूद खाली जमीन की सफाई नहीं कराने वाले प्लॉट मालिकों पर अब प्लॉट के आकार के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में GBA की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि खाली प्लॉट की सफाई और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित मालिक की है।
GBA के इस कदम का उद्देश्य शहर में ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना और खाली जमीन पर कचरा, निर्माण सामग्री तथा मलबा जमा होने से रोकना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्लॉट मालिक अपने परिसर की सफाई नहीं करते हैं तो प्राधिकरण खुद सफाई कराएगा और इसका खर्च संबंधित मालिक से वसूला जाएगा।
तीन श्रेणियों में तय होगी लागत
GBA के अनुसार खाली जगहों की सफाई से जुड़ी लागत को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें बिना बैरियर वाली खाली जगह की सफाई, बैरियर वाली खाली जगह की सफाई तथा जमा कचरे और मलबे को हटाने की लागत शामिल है।
प्लॉट के आकार और वहां मौजूद कचरे की स्थिति के आधार पर सफाई का खर्च अलग-अलग हो सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े प्लॉट के मालिकों पर उनके परिसर की वास्तविक सफाई लागत के अनुरूप कार्रवाई हो।
अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य प्लॉट मालिकों को अपनी संपत्ति की नियमित सफाई और उचित रखरखाव के लिए जिम्मेदार बनाना है।
चेतावनी के बाद कार्रवाई
GBA की ओर से पहले भी खाली प्लॉट मालिकों को चेतावनी दी जाती रही है कि वे अपनी जमीन पर कचरा और मलबा जमा न होने दें। इसके बावजूद कई स्थानों पर खाली प्लॉटों में कचरा फेंके जाने और निर्माण मलबा जमा होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ऐसे प्लॉट न केवल शहर की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं। कचरा जमा होने से दुर्गंध, मच्छरों और अन्य कीटों की समस्या पैदा हो सकती है। कई बार ऐसे स्थान अवैध रूप से कचरा डालने के केंद्र भी बन जाते हैं।
अब GBA ने चेतावनी के बाद सीधे कार्रवाई और लागत वसूली का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान का हिस्सा
बेंगलुरु को साफ, सुंदर और रहने योग्य शहर बनाने के उद्देश्य से अगस्त 2026 में ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ यानी ‘कचरे से आजादी’ अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत शहर में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
GBA का मानना है कि केवल सार्वजनिक स्थानों की सफाई करके शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। निजी संपत्तियों, खासकर लंबे समय से खाली पड़े प्लॉटों की सफाई भी जरूरी है।
ऐसे प्लॉटों में कचरा जमा होने से आसपास की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए अभियान के तहत निजी खाली जमीनों को भी निगरानी के दायरे में लाया गया है।
मुख्य आयुक्त ने जारी किया आदेश
GBA के मुख्य आयुक्त महेश्वर राव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि खाली प्लॉट के मालिक अपनी जमीन की सफाई सुनिश्चित करें। यदि मालिक ऐसा नहीं करते हैं तो प्राधिकरण की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण जरूरत पड़ने पर खाली प्लॉट की सफाई खुद करा सकता है। इसके बाद सफाई, कचरा हटाने और मलबे के निस्तारण पर आने वाला खर्च संबंधित मालिक से वसूला जाएगा।
आदेश का उद्देश्य प्लॉट मालिकों में जवाबदेही तय करना है। अधिकारियों के अनुसार, निजी संपत्ति होने का मतलब यह नहीं है कि उसके मालिक को सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़े नियमों की अनदेखी करने की छूट मिल जाएगी।
आसपास रहने वाले लोगों को राहत की उम्मीद
खाली प्लॉटों में जमा कचरे को लेकर स्थानीय निवासियों की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि खाली जमीन पर रात के समय कचरा और निर्माण मलबा डाल दिया जाता है।
इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। बारिश के दौरान कचरे के कारण जलभराव और गंदगी की समस्या भी बढ़ सकती है। ऐसे में GBA की नई व्यवस्था से स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
यदि प्लॉट मालिक नियमित रूप से अपनी जमीन की सफाई कराते हैं तो आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।
नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती
GBA ने साफ किया है कि ठोस कचरा प्रबंधन नियमों और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्लॉट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित मालिकों को अपनी जमीन को साफ रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वहां दोबारा कचरा जमा न हो।
प्राधिकरण की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्लॉट मालिकों को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि खाली जमीन की देखभाल उनकी जिम्मेदारी है।
शहर को साफ रखने में नागरिकों की भूमिका अहम
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। GBA की नई व्यवस्था में निजी संपत्ति के मालिकों की जिम्मेदारी को स्पष्ट किया गया है।
खाली प्लॉट को कचरा फेंकने की जगह बनने से रोकना और उसकी नियमित सफाई कराना शहर की स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के तहत GBA का यह कदम आने वाले दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में खाली प्लॉटों की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। चेतावनी के बाद भी लापरवाही करने वाले मालिकों से सफाई का खर्च वसूलने की व्यवस्था से अब खाली प्लॉटों को लेकर प्रशासन का रुख पहले से अधिक सख्त दिखाई दे रहा है।





