बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या जिले में भीम अमावस्या के अवसर पर मंदिर में ड्यूटी कर रही महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। तुमकुरु ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या पर महिला पुलिस अधिकारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ऐश्वर्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटना बुधवार को मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टन तालुक के अराठी उक्कड़ा स्थित श्री लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर की बताई जा रही है। भीम अमावस्या के कारण मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
पुलिस शिकायत के अनुसार विधायक की बेटी ऐश्वर्या कथित रूप से वीआईपी कतार के माध्यम से मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास कर रही थीं। उस स्थान पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर सविता बी. पाटिल ने उन्हें रोक दिया। पीएसआई ने कथित रूप से बताया कि मंदिर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उस समय गर्भगृह के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।इसी दौरान सिविल ड्रेस में ड्यूटी कर रहीं सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मी गर्भगृह की ओर बढ़ीं। उन्हें भीतर जाते देखकर ऐश्वर्या ने कथित रूप से सवाल किया कि सर्किल इंस्पेक्टर को प्रवेश की अनुमति क्यों दी जा रही है जबकि उन्हें रोका गया है। इस पर पीएसआई सविता ने बताया कि सर्किल इंस्पेक्टर सुरक्षा से जुड़ी अपनी आधिकारिक ड्यूटी पूरी करने के लिए अंदर जा रही हैं।
आरोप है कि इसी बात को लेकर ऐश्वर्या और महिला पीएसआई के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने के बाद ऐश्वर्या ने कथित रूप से सविता को थप्पड़ मार दिया और उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद पीएसआई सविता बी. पाटिल ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर क्यातनहल्ली पुलिस ने ऐश्वर्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 115(2), 352 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए बल प्रयोग, चोट पहुंचाने, जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों से संबंधित बताई गई हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
बताया गया है कि ऐश्वर्या मांड्या में पदस्थ पुलिस उपाधीक्षक गौतम की पत्नी भी हैं। इस कारण मामला सामने आने के बाद पुलिस एवं राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। हालांकि मामले में दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा ने अपनी बेटी के कथित व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों और उनके परिजनों को संयमित एवं सम्मानजनक आचरण करना चाहिए। विधायक ने स्वीकार किया कि यदि उनकी बेटी ने महिला पुलिस अधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार किया है तो यह गलत है।
सुरेश गौड़ा ने कहा कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और वह मामले की पूरी जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में उनकी बेटी की गलती सामने आती है तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बेटी की ओर से दी जाने वाली शिकायत स्वीकार नहीं की। उन्होंने मामले को पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक के संज्ञान में लाकर विभागीय जांच कराने की मांग की है।भाजपा विधायक ने मंदिरों में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को परेशानी होती है और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उनके अनुसार भगवान के सामने सभी लोग समान हैं और प्रत्येक व्यक्ति को कतार में लगकर दर्शन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ दो बच्चे भी थे लेकिन ऐसी परिस्थिति में उसे अधिक धैर्य और संयम दिखाना चाहिए था। जनप्रतिनिधियों और उनके परिवार के सदस्यों को सार्वजनिक स्थानों पर घमंड के बजाय मर्यादा और सम्मान का परिचय देना चाहिए। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।गौड़ा, महिला पीएसआई से मारपीट, मंदिर में विवाद, वीआईपी दर्शन, मांड्या पुलिस, श्रीरंगपट्टन मंदिर, क्यातनहल्ली पुलिस, विधायक ने मांगी माफी
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