कर्नाटक : हुबली-धारवाड़ जुड़वां शहरों में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त की टीम ने रेत ले जाने वाले टिपर को चलाने की अनुमति देने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में तीन हेड कॉन्स्टेबल और एक होम गार्ड को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई। आरोपियों पर एक टिपर चालक से अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप है। लोकायुक्त अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

टिपर चालक ने की थी शिकायत

लोकायुक्त एसपी सिद्दालिंगप्पा ने बताया कि टिपर चालक हनुमंत ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मी उससे रेत ले जाने वाले टिपर को हुबली-धारवाड़ जुड़वां शहरों में चलाने की अनुमति देने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं।

हनुमंत के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मियों ने उससे 30 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।

30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल हसनसब नदाफ, इमाम अख्तर, गिरीश मंसूर और होम गार्ड इकबाल नदाफ ने टिपर चालक से 30 हजार रुपये मांगे थे।

आरोप है कि यह रकम टिपर को बिना किसी परेशानी के चलाने और अनुमति देने के बदले मांगी गई थी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायतकर्ता के आरोपों के आधार पर रिश्वत लेने वालों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी

लोकायुक्त टीम ने तय योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय रिश्वत की रकम बरामद की गई।

इसके बाद सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस समय-समय पर सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई करती रही है। इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति से रिश्वत मांगने या भ्रष्टाचार में शामिल होने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

तीन हेड कॉन्स्टेबल और एक होम गार्ड के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए जनता से अवैध वसूली करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आगे की जांच जारी

लोकायुक्त पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं।

जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लोकायुक्त एसपी सिद्दालिंगप्पा ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लोकायुक्त लगातार नजर बनाए हुए है और आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत तुरंत करें।

इस कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

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