बेंगलुरु में पुलिस स्टेशनों से हटेंगे जब्त वाहन, जयनगर से शुरू हुआ अभियान
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पुलिस स्टेशनों के आसपास वर्षों से खड़े जब्त वाहनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बुधवार को जयनगर पुलिस स्टेशन से इस अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान के तहत पुलिस द्वारा जब्त किए गए पुराने और लंबे समय से खड़े वाहनों को पुलिस स्टेशनों से हटाकर शहर के बाहरी इलाकों में निर्धारित स्थानों पर भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य पुलिस परिसरों को खाली कराना और आम लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी को कम करना है।
दशकों से खड़े वाहनों को हटाने की पहल
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि शहर की पुरानी समस्याओं की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में फुटपाथ पर कब्जे, लावारिस वाहनों की समस्या और निर्माण मलबे जैसी समस्याओं को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
अब पुलिस विभाग और राजस्व विभाग के सहयोग से पुलिस स्टेशनों में लंबे समय से पड़े जब्त वाहनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस स्टेशनों के पास बढ़ रही थी परेशानी
मंत्री ने बताया कि कई इलाकों में पुलिस स्टेशनों के आसपास बड़ी संख्या में जब्त वाहन वर्षों से खड़े थे। इन वाहनों के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती थी।
कई जगहों पर इन वाहनों के कारण जगह की कमी हो रही थी और पुलिस परिसरों में भी अव्यवस्था बढ़ रही थी।
लोगों की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने अब ऐसे वाहनों को हटाने का फैसला लिया है।
जयनगर से शुरू हुआ अभियान
जयनगर पुलिस स्टेशन से शुरू किए गए इस अभियान के तहत पहले चरण में वहां मौजूद जब्त वाहनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान को धीरे-धीरे शहर के अन्य पुलिस स्टेशनों तक भी बढ़ाया जाएगा।
पुलिस और राजस्व विभाग मिलकर ऐसे वाहनों की पहचान कर रहे हैं, जो लंबे समय से पुलिस परिसरों में पड़े हुए हैं और जिनका निपटारा या स्थानांतरण किया जा सकता है।
शहर की पुरानी समस्याओं पर फोकस
कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि सरकार का ध्यान बेंगलुरु की उन समस्याओं को हल करने पर है, जिनका सामना लोग रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं।
उन्होंने फुटपाथ खाली कराने, अवैध रूप से पड़े वाहनों को हटाने और सड़कों व सार्वजनिक स्थानों से मलबा साफ करने जैसे कार्यों का जिक्र किया।
उनका कहना है कि शहर को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक विभागों के बीच तालमेल जरूरी है।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई
जब्त वाहनों को हटाने के लिए पुलिस विभाग के साथ राजस्व विभाग भी सहयोग कर रहा है। दोनों विभाग मिलकर वाहनों की सूची तैयार कर रहे हैं और उनकी स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
कई वाहन दुर्घटनाओं, अपराधों या अन्य मामलों में जब्त किए जाते हैं और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक पुलिस स्टेशन परिसर में खड़े रहते हैं।
लेकिन लंबे समय तक पड़े रहने से ये वाहन जगह घेरने के साथ-साथ आसपास की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
बाहरी इलाकों में भेजे जाएंगे वाहन
अभियान के तहत हटाए जाने वाले वाहनों को बेंगलुरु के बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए निर्धारित स्थानों पर ले जाया जाएगा।
इससे पुलिस स्टेशनों में जगह खाली होगी और पुलिसकर्मियों को भी काम करने में सुविधा मिलेगी।
साथ ही, शहर के व्यस्त इलाकों में सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
नागरिकों को मिलेगी राहत
प्रशासन का मानना है कि पुलिस स्टेशनों के आसपास जमा वाहनों को हटाने से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।
खासकर उन क्षेत्रों में जहां पुलिस स्टेशन के बाहर सड़क या सार्वजनिक जगह पर वाहन खड़े रहते हैं, वहां यातायात और पैदल चलने वालों की समस्या कम हो सकती है।
यह अभियान शहर की सफाई और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने संकेत दिया कि यह अभियान केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में अन्य पुलिस स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान किया जाए और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
फिलहाल जयनगर से शुरू हुई यह पहल बेंगलुरु के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की तैयारी है।