कोंकण रेलवे नेटवर्क से जुड़े यात्री संगठनों ने मॉनसून टाइमटेबल पर सवाल उठाए
Karnataka कर्नाटक: कोंकण रेलवे नेटवर्क से जुड़े यात्री संगठनों ने बीते दो दशकों से लागू मॉनसून टाइमटेबल पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जून से अक्टूबर तक धीमी गति से ट्रेनों का संचालन यात्रियों और रेलवे दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है।
कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) ने 10 जून 2005 से यह टाइमटेबल लागू करना शुरू किया था। इसका कारण 2003 में वैभववाड़ी और 2004 में करंजड़ी (महाराष्ट्र) में हुए भूस्खलन हादसे थे, जिनमें कई लोगों की जान गई थी। इसके बाद से हर साल 10 जून से 31 अक्टूबर तक यह विशेष समय-सारणी लागू की जाती है।
अब यात्री संगठन मांग कर रहे हैं कि मौसम व तकनीकी प्रगति को ध्यान में रखते हुए इस नियम की समीक्षा की जाए।