बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर एक और बदलाव किया गया है। राज्य के ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट मिनिस्टर कृष्णा बायरे गौड़ा को अब संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में इस बदलाव की जानकारी दी गई।

बताया गया कि विभागों का यह नया आवंटन मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सिफारिश पर किया गया है। इस फैसले के बाद कृष्णा बायरे गौड़ा की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। पहले से ही बेंगलुरु शहर के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग उनके पास हैं।

कृष्णा बायरे गौड़ा को मिली नई जिम्मेदारी

कृष्णा बायरे गौड़ा अब ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट मंत्रालय के साथ-साथ संसदीय कार्य विभाग भी संभालेंगे। संसदीय कार्य विभाग सरकार और विधानसभा के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद विधानसभा की कार्यवाही, सरकार के विधायी कामकाज और सदन से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका बढ़ जाएगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है जब राज्य विधानसभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है और सरकार को सदन के अंदर बेहतर तालमेल की जरूरत है।

पहले से संभाल रहे हैं बेंगलुरु के अहम विभाग

कृष्णा बायरे गौड़ा के पास पहले से ही राजधानी बेंगलुरु के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है।

उनके अधीन ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, शहर के पांच नगर निगम, बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड और नम्मा मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण संस्थान आते हैं।

इन विभागों की जिम्मेदारी संभालना सरकार के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि बेंगलुरु देश के प्रमुख आईटी और आर्थिक केंद्रों में शामिल है। शहर में यातायात, जल प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

बेंगलुरु विकास पर सरकार का फोकस

कर्नाटक सरकार लंबे समय से बेंगलुरु के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दे रही है। बढ़ती आबादी, ट्रैफिक समस्या और शहरी विस्तार के कारण शहर के विकास को लेकर लगातार नई योजनाएं बनाई जा रही हैं।

कृष्णा बायरे गौड़ा को पहले से ही शहर की कई प्रमुख विकास एजेंसियों की जिम्मेदारी दी गई थी। अब संसदीय कार्य विभाग जुड़ने से उनके सामने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों तरह की चुनौतियां बढ़ेंगी।

मुख्यमंत्री ने BDA और BMRDA अपने पास रखा

वहीं, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु के विकास से जुड़ी दो महत्वपूर्ण संस्थाओं का प्रभार अपने पास रखा है।

मुख्यमंत्री ने बैंगलोर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) और बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (BMRDA) की जिम्मेदारी अपने पास बरकरार रखी है।

BDA और BMRDA बेंगलुरु के शहरी विस्तार, विकास योजनाओं और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन संस्थाओं के जरिए शहर और आसपास के क्षेत्रों के भविष्य के विकास की योजनाएं तैयार की जाती हैं।

विभागों के बदलाव को लेकर चर्चा तेज

कर्नाटक सरकार में हुए इस विभागीय बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने और महत्वपूर्ण विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।

संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी ऐसे नेता को दी गई है, जो सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर अनुभव रखते हैं।

विधानसभा प्रबंधन में होगी अहम भूमिका

संसदीय कार्य मंत्री की भूमिका विधानसभा सत्र के दौरान काफी महत्वपूर्ण होती है। उन्हें सरकार के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने, विपक्ष के साथ समन्वय बनाने और सदन की कार्यवाही सुचारू रखने में भूमिका निभानी होती है।

कर्नाटक विधानसभा में हाल के दिनों में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिला है। ऐसे में कृष्णा बायरे गौड़ा की नई जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की रणनीति पर नजर

विभागों के इस फेरबदल के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि कृष्णा बायरे गौड़ा नई जिम्मेदारी को किस तरह संभालते हैं। बेंगलुरु विकास और विधानसभा प्रबंधन दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्हें सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

राज्य सरकार की कोशिश है कि प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाया जाए और विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।

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