बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किसानों की शिकायत पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक सोसाइटी सेक्रेटरी को पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। मामला विजयपुरा जिले के देवरा हिप्पारगी क्षेत्र के 93 किसानों से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि फसल बीमा का प्रीमियम जमा नहीं होने के कारण उन्हें बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पाया।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यशवंतपुर एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) मार्केट के दौरे के दौरान एक किसान की शिकायत सुनने के बाद यह कार्रवाई करने का आदेश दिया। किसान ने बताया कि उसका फसल बीमा क्लेम इसलिए खारिज हो गया क्योंकि उससे लिया गया प्रीमियम बैंक में जमा नहीं किया गया था।
किसान की शिकायत के बाद हरकत में आए मुख्यमंत्री
यशवंतपुर APMC मार्केट के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। किसान ने कहा कि उसने फसल बीमा योजना के लिए प्रीमियम राशि जमा की थी, लेकिन संबंधित बैंक खाते में राशि जमा नहीं की गई।
इसके चलते उसका बीमा दावा खारिज कर दिया गया। किसान ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तुरंत मामले की जांच करने को कहा।
93 किसानों को नहीं मिला बीमा लाभ
जांच के दौरान सामने आया कि विजयपुरा जिले के देवरा हिप्पारगी क्षेत्र के 93 किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल सका।
आरोप है कि किसानों से बीमा प्रीमियम की राशि ली गई, लेकिन उसे संबंधित प्रक्रिया के तहत जमा नहीं किया गया। इसके कारण किसानों के बीमा क्लेम पर असर पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोसाइटी सेक्रेटरी पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद संबंधित सोसाइटी सेक्रेटरी को हटाने का आदेश जारी किया गया। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और उन्हें समय पर लाभ मिले।
APMC मार्केट में किसानों और व्यापारियों से संवाद
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने दौरे के दौरान यशवंतपुर APMC मार्केट में किसानों, व्यापारियों और मंडी संचालकों से बातचीत की।
उन्होंने प्याज, लहसुन, आलू और नारियल की खेती करने वाले किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। किसानों ने फसल उत्पादन, बाजार कीमत, परिवहन और अन्य मुद्दों से जुड़ी परेशानियां मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने का भरोसा
मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से जुड़ी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।
फसल बीमा योजना में पारदर्शिता पर जोर
फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देना है।
लेकिन यदि प्रीमियम जमा करने जैसी प्रक्रिया में लापरवाही होती है तो किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दे रही है।
अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित विभाग सतर्क रहें।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के मुद्दों पर सरकार सक्रिय
डीके शिवकुमार का यह कदम किसानों से जुड़े मामलों में सरकार की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। फसल बीमा, कृषि उत्पादों की कीमत और बाजार व्यवस्था जैसे मुद्दे लगातार किसानों की प्रमुख चिंताओं में शामिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री के APMC दौरे के दौरान किसानों से सीधा संवाद करने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने से प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल सरकार ने संबंधित सोसाइटी सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, 93 किसानों को फसल बीमा लाभ दिलाने की प्रक्रिया को लेकर भी आगे की कार्रवाई की जा रही है।